अररिया, रंजीत ठाकुर। आस्था, श्रद्धा और भक्ति के पावन वातावरण में रविवार को श्री श्री 108 सार्वजनिक दुर्गा मंदिर फुलकाहा में शारदीय नवरात्र की प्रथम पूजा-अर्चना मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री को समर्पित की गई। सुबह वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पूजा का शुभारंभ होते ही मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। वातावरण में गूंजते मंत्रों ने श्रद्धालुओं के मन में नई ऊर्जा, विश्वास और आध्यात्मिक शांति का संचार किया।
पूजा-अर्चना का शुभारंभ विद्वान पंडित कृष्ण कुमार झा के सानिध्य में किया गया। वैदिक परंपराओं के अनुसार मां शैलपुत्री की आराधना कर सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की गई। मां के चरणों में श्रद्धालुओं ने शीश झुकाकर अपने परिवार की खुशहाली और क्षेत्र की उन्नति के लिए प्रार्थना की।
नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां की आराधना करने वाले भक्तों को शक्ति, साहस और धैर्य की प्राप्ति होती है। मां की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर केवल पूजा-पाठ का नहीं, बल्कि मन को निर्मल करने और जीवन में सकारात्मकता का संकल्प लेने का भी है।
मां दुर्गा के आगमन के साथ ही फुलकाहा में नवरात्र को लेकर श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बनने लगा है। भक्तों को अब आगामी दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना का इंतजार है। इस मौके पर पूजा समिति के अध्यक्ष श्यामदेव यादव,उपाध्यक्ष रंजीत ठाकुर, मुन्ना ठाकुर, कोषाध्यक्ष महेश गुप्ता, सचिव उमा प्रसाद साहा, मंत्री मनोज यादव, निगरानी समिति सदस्य शिव प्रसाद साहा, खगेंद्र यादव,राकेश साह, रवि ठाकुर,मनीष ठाकुर, अमित यादव आदि के अलावे मंदिर पुजारी मनोज झा,केवल बदलिया ने भाग लिया। जबकि माता के संकल्प के दौरान समाजसेवी सह डॉक्टर अशोक यादव एवं उनकी धर्मपत्नी विनीता देवी उपस्थित रहे।
