नौकर ही निकला लूटेरा, यू-ट्यूब देखकर दिया था घटना को अंजाम

बलिया(संजय कुमार तिवारी): मनियर पुलिस ने 25 जनवरी को थाना क्षेत्र में सीएसपी संचालक के नौकर से सरेराह हुई लूट की घटना का खुलासा कर दिया है। इस वारदात का मास्टर माइंड कोई और नहीं, नौकर ही निकला है। पुलिस ने लूट का एक लाख 66 हजार रुपये नकद, मोटर साइकिल (पल्सर नं. यूपी60 एएम 7314) व एक एन्ड्रायड मोबाइल रेडमी बरामद करने के साथ ही नौकर मनीष यादव पुत्र सत्यदेव यादव (निवासी खादीपुर थाना बांसडीह) व इंद्रजीत यादव उर्फ गोलू पुत्र देवनरायन यादव (निवासी खादीपुर थाना बांसडीह) को गिरफ्तार कर लिया.

25 जनवरी को अख्तर अंसारी (निवासी मुड़ियारी थाना मनियर) का नौकर बैंक से एक लाख 70 हजार रुपया निकालकर सीएसपी लौट रहा था। रास्ते में लूट हो जाने का मुकदमा अज्ञात बाइक सवार व्यक्तियों के खिलाफ धारा 392 भादवि मनियर थानेे मेंं पंजीकृत कराया। घटना की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा ने स्थलीय निरीक्षण करते हुए प्रनि मनियर एवं स्वाट टीम को सफल अनावरण के लिए निर्देशित किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस टीमें धरातलीय एवं इलेक्ट्रानिक सूचनाओं के संकलन में जुटी रही। क्षेत्राधिकारी बांसडीह के नेतृत्व में प्रनि मनियर के अथक प्रयास से प्रकाश में आया कि वादी मुकदमा अख्तर अंसारी का नौकर मनीष ही घटना का साजिस कर्ता व मुख्य सूत्रधार है। नौकर मनीष द्वारा अपने साथी इंद्रजीत यादव उर्फ गोलू के साथ योजना बद्ध तरीके से पैसा बैंक से निकाल कर पैसे, मोबाइल व बाइक को अपने सहअभियुक्त साथी इंद्रजीत यादव को दे दिया। फिर वादी मुकदमा अख्तर अंसारी को सूचना किया कि अज्ञात बदमाशों द्वारा पैसा, बाइक व मोबाइल छीन लिया गया है। उक्त घटना का सफल अनावरण करते हुए प्रनि मनियर मय फोर्स द्वारा अभियुक्त की निशानदेही पर 1.66 लाख नकदी, मोबाइल व बाइक बरामद की गयी। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में एसएचओ नागेश उपाध्याय, उनि अरूण कुमार सिंह व प्रभाकर शुक्ल, हेका नागेन्द्र पाण्डेय व विनय कुशवाहा, का. पंकज सिंह व बलराम सिंह शामिल रहे.

यू ट्यूब पर वीडियो देखकर रची थी लूट की कहानी-

अभियुक्तों ने बताया कि उक्त घटना की कहानी हम लोगों ने यू ट्यूब पर वीडियो देखकर बनाई थी। उसी योजना के तहत घटना को अंजाम दिया था। घटना के सफल अनावरण के पश्चात यह तथ्य प्रकाश में आया कि घटना लूट की नहीं, मालिक का पैसा हड़पने के लिए मनगढ़ंत कहानी थी। एसपी ने बताया कि विवेचना से धारा 392 भादवि से धारा 406/411 भादवि में परिवर्तित करते हुए आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। घटना के सफल एवं त्वरित अनावरण हेतु पुलिस टीम को 10,000/- रुपये पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा एसपी ने की।