फुलवारीशरीफ(अजीत यादव): पटना के बेउर जेल में बंद बाहुबली अनंत सिंह एवं नवादा के पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव का वार्ड बीती रात खुला ही रह गया. सुबह-सुबह अनंत सिंह और नवादा के पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव को या जब जानकारी हुई की उनका वार्ड खुला ही रह गया तो उन्हें अपनी हत्या की साजिश की आशंका हो गई. गुस्साए बाहुबली के समर्थक बंदियों और सेवादारों ने कई कक्षपालों के साथ मारपीट करना शुरू कर दिया . अचानक जेल में कक्षपालों की पिटाई होता देख जेल प्रशासन ने पगली घंटी बजा दी. रविवार की सुबह करीब नौ बजे सायरन की आवाज सुन जेल में अफरा-तफरी का माहौल हो गया.
सभी बंदीओं को अपने वार्ड में जाने का कारा प्रशासन ने फरमान सुनाया . इस बीच बाहुबली बंदीओं के सेवादारों की पिटाई में चार जेल के कक्षपाल बुरी तरह जख्मी हुए जिन्हें इलाज के लिए कारा प्रशासन ने जेल के अस्पताल में भर्ती कराया . इस मामले की जानकारी मिलते ही राजनीतिक हलकों एवं पुलिस प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया . बेउर जेल में अपने-अपने बंदियों से मुलाकात करने आए लोगों में भी जेल के बाहर अफरा-तफरी का माहौल हो गया.आनन फानन जेल के हालात को संभालने पहले बेऊर थाना पुलिस पहुंची. बेउर जेल के अंदर के हालात तनावपूर्ण देख पटना के सदर एसडीएम एवं कई पुलिस अधिकारी पहुंचे.
वहीं जेल आईजी भी बेऊर जेल पहुंचे और घंटों जेल के भीतर अधिकारियों घायल कक्ष पालो से पूरे मामले की जानकारी लेते रहे.इतना ही नही बड़ी संख्या में पटना से पुलिस फोर्स को बुलाया गया और देखते-देखते बेउर जेल अंदर से लेकर बाहर तक पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया. बेउर जेल आने जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने वाहन जांच भी तेज कर दिया. बेउर जेल आने जाने वाले हर लोगों और वाहनों पर कड़ी नजर प्रशासन के अधिकारी और जवान रख रहे हैं।
जेल सूत्रों का कहना है कि शनिवार की रात जेल में बंद बाहुबली अनंत सिंह एवं नवादा के पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव का वार्ड का गेट खुला ही रह गया दोनों बाहुबली बंदियों को एक ही बार में रखा गया है सुबह जब इस बात की जानकारी बाहुबली नेताओं को हुई तो वे लोग नाराज हो गए इस बात की जानकारी उनके सेवादार और समर्थक बंदियों को हुई और धीरे-धीरे वार्ड के पास समर्थक बंदी जमा होने लगे. इसके बाद बाहुबली बंदियों ने उन कछपालो को बुलाया जिनकी ड्यूटी रात में वहां लगाई गई थी. बता बाती की के दौरान ही बाहुबली के समर्थकों ने कक्षपालों के साथ मारपीट करना शुरू कर दिया.
अचानक जेल में मारपीट की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने पगली घंटी बजा दिया जिससे जेल में भारी अफरातफरी के बीच बेऊर थाना पुलिस पहुंची . लोकल थाना पुलिस से हालात को काबू में नहीं किया जा सका. इसके बाद पटना से वरीय पुलिस प्रशासनिक अधिकारी भारी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे .करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद जेल के भीतर के हालात काबू में किए गए. कारा आईजी शीर्षत कपिल भी जेल पहुंचे और जेल के अधिकारियों बंदियों एवं जेल अस्पताल में इलाजरत घायल कक्षपालों से बातचीत कर पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी।
फिलहाल इस मामले में कोई भी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी अपना मोबाइल रिसीव नहीं कर रहे हैं. बेऊर थाना अध्यक्ष जेल सुपरिटेंडेंट भी मीडिया को जानकारी साझा करने से परहेज करते हुए मोबाइल रिसीव नहीं कर रहे . बहरहाल बेऊर जेल में बंद बाहुबली बंदियों के समर्थक बंदी और सेवादारों की पिटाई से घायल कक्षपालों का इलाज बेउर जेल के अस्पताल में ही कराया जा रहा है. कारा प्रशासन इस पूरे मामले में एहतियात बरतते हुए किसी भी तरह की कोई भी जानकारी बाहर नहीं आने दे रहा है .वही इस मामले में बाहुबली बंदियों और मारपीट करने वाले समर्थक सेवादारों के खिलाफ प्राथमिकी तय माना जा रहा है।
