बिहार

संपतचक प्रखंड अंतर्गत चकबैरिया गांव में महालक्ष्मी नारायण महायज्ञ और सूर्य मंदिर में सूर्यदेव की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ पूरा गांव भक्तिमय

फुलवारीशरीफ, अजित। राजधानी पटना के संपतचक प्रखंड अंतर्गत चकबैरिया गांव में मंगलवार से भक्ति, आस्था और सनातन संस्कारों की सरिता प्रवाहित होने लगी है. तीन से नौ फरवरी तक आयोजित महालक्ष्मी नारायण महायज्ञ और सूर्य मंदिर में सूर्यदेव की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में डूब गया है. महायज्ञ के शुभारंभ के साथ ही सात दिनों तक चलने वाले प्रवचन कार्यक्रम के पहले दिन जीयर स्वामी की ओजस्वी वाणी से पूरा क्षेत्र राममय हो उठा।

पहले दिन के प्रवचन में जीयर स्वामी ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और माता सीता के आदर्श जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि सीताराम का नाम केवल जप नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है. सीताराम का स्मरण करने से मन शुद्ध होता है, विचार पवित्र होते हैं और जीवन को सही दिशा मिलती है. स्वामी जी ने कहा कि राम केवल एक राजा नहीं, बल्कि मर्यादा के प्रतीक हैं, वहीं माता सीता त्याग, सहनशीलता और नारी शक्ति की जीवंत प्रतिमूर्ति हैं.
प्रवचन के दौरान जैसे ही स्वामी जी ने “सीताराम सीताराम जय सियाराम” और “राम राम जय जय राम” का उद्घोष कराया, पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया. नर, नारी, बच्चे और बुजुर्ग सभी श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे.

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पहले ही दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से चकबैरिया गांव में धार्मिक मेले जैसा दृश्य बन गया। आयोजन समिति के अनुसार महायज्ञ के सातों दिन जीयर स्वामी का प्रवचन होगा, जिससे पूरे क्षेत्र में लगातार धार्मिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा. इससे पहले रविवार को कलश को पालकी में रखकर भव्य शोभायात्रा निकाली गई थी, जो गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए सूर्य मंदिर परिसर पहुंची. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सूर्य मंदिर के शिखर पर कलश की स्थापना की गई। आयोजकों ने बताया कि बुधवार को विशाल कलश शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. महायज्ञ को लेकर पूरे गांव को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है.

विशाल पंडाल का निर्माण किया गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चौबीसों घंटे भंडारे की व्यवस्था की गई है. दिन में चावल, दाल और सब्जी, जबकि रात में पूरी, सब्जी और बुंदिया प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। महालक्ष्मी नारायण महायज्ञ आयोजन समिति के अध्यक्ष तारकेश्वर सिंह ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और गांव के लोग दिन-रात सेवा में जुटे हुए हैं. विक्की सिंह, परमात्मा सिंह, राजीव रंजन सिंह, सुनील सिंह, मंटू सिंह, अशोक सिंह, अजय सिंह, चुचु सिंह, अरविन्द सिंह उर्फ विनय सिंह और सोनू सिंह सहित अन्य ग्रामीण आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पहले दिन के प्रवचन से यह स्पष्ट हो गया है कि चकबैरिया गांव में आने वाले सात दिन भक्ति, राम नाम और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर रहने वाले हैं।

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