रामकृष्णा नगर में रिटायर शिक्षक दम्पति की संदिग्ध मौत, सनसनी!

फुलवारीशरीफ(अजित यादव): पटना के रामकृष्णा नगर थाना के सोरंगपुर में एलपी शाही कॉलेज के पास अपने ही घर के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए रिटायर शिक्षक दम्पति की लाश मिलने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गयी। मृतक दम्पति के रिश्तेदारों ने उनके सगे एकलौते बेटे और बहू पर ही माता पिता की गला दबाकर हत्या कर देने का आरोप पुलिस के समक्ष लगाया है जिसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेजकर मामले की तहिकीकात हत्या के एंगिल पर ही कर रही है । वहीं माता पिता की एक साथ मौत के बाद शक के घेरे में आये एकलौते पुत्र का कहना है कि उसके माता पिता की मौत कोरोना से हुई है,जो काफी दिनों से बीमार चल रहे थे । हालांकि मृतकों के गले पर काले निशान देख लोगो ने साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। बहरहाल अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिसिया जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा की रिटायर शिक्षक दम्पति की मौत कैसे हुई । वहीं घटना के बाद मौके पर मौजूद रिश्तेदारों और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि एकलौते पुत्र के साथ करीब 15- 20 वर्षो से माता पिता के साथ रिश्ते तल्ख थे.

जानकारी के मुताबिक गौरीचक थाना क्षेत्र के मसाढ़ी पंचायत अंतर्गत बेंदौल गांव के मूल निवासी रिटायर शिक्षक ब्रजकिशोर प्रसाद सिंह पहले परिवार के साथ पटना के नाला रोड में रहते थे,इसके बाद अपना मकान रामकृष्णा नगर में एलपी शाही कॉलेज के पास बनाकर रहते थे। तीन मंजिला मकान के पहली मंजिल पट रिटायर शिक्षक ब्रजकिशोर सिंह अपनी पत्नी कमलता सिन्हा के साथ रहते थे वहीं उनके पुत्र निपु सिंह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ दूसरी मंजिल पर उसी मकान में रह रहे थे। 13 मई की सुबह रिटायर शिक्षक ब्रजकिशोर प्रसाद और उनकी पत्नी कमलता सिन्हा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गयी। एक साथ ही दम्पति की मौत की खबर जब उनके रिश्तेदारों को मिली तो उन्हें इसमे साजिश की बू आने लगी।वहीं ब्रजकिशोर प्रसाद अपने दो भाइयों में बड़े थे जिनके छोटे भाई की मौत काफी पहले ही हो चुकी थी,जो अपने गांव बेन्दौली में ही रहते थे। वहीं शिक्षक दम्पति की मौत की जानकारी मिलने पर मौके पर कई रिश्तेदार पहुंचे और विलाप करने लगे। रिश्तेदारों को मृतक दम्पति के पुत्र ने बताया कि दोनों की मौत कोरोना से हो गयी । इस बात पर किसी रिश्तेदार को यकीन नही हुआ । मृतक दम्पति के रिश्तेदार मनीष कुमार गौरीचक के गवसपुर निवासी ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व जब ये लोग बीमार थे तब उनके एक महिला रिश्तेदार यहाँ कई दिनों तक रहकर सेवा की थी तब दोनो पूरी तरह स्वस्थ हो गए थे। बीते कल यानी गुरुवार की रात्रि तक रिश्तेदारों से ब्रजकिशोर प्रसाद की बातचीत मोबाइल से हुई थी तब दोनो बिल्कुल स्वस्थ थे,फिर अचानक दोनो की मौत कैसे हो।गई। मौके पर पहुंचे कई रिश्तेदारों ने कहा कि शिक्षक दम्पति से उनके एकलौते बेटे नीपु सिंग का करीब पंद्रह -बीस वर्षों से रिश्ते खराब थे । रिश्तेदारों ने बताया कि जब वे लोग यहाँ पहुंचे तो दम्पति कि मृत पड़े थे। शिक्षक ब्रजकिशोर प्रसाद का शव उनके कमरे के दरवाजे पर पड़ा था जबकि उनकी पत्नी का शव बेड पर था। वहीं शिक्षक ब्रजकिशोर प्रसाद के पहने कपड़े पैंट शर्ट को देख लग रहा था कि वो किसी काम से बाजार आदि जाने के लिए तैयार हुए थे। इतना ही नही दोनो के शवों के गले पर काले निशान गला दबाकर हत्या करने की ओर इशारा कर रहा था। दम्पति के पुत्र के पिता और माता की कोरोना से मौत की बात किसी के गले नही उतर रही थी। सूचना पाकर पहुंची रामकृष्णा नगर थाने की पुलिस ने शवों का और घटनास्थल का निरीक्षण कर पोस्टमार्टम में भेज दिया। हालांकि मौके पर उसी घर मे ही दम्पति के पुत्र निपु सिंह ,बहु और बच्चे भी मौजूद रहे जिनसे पुलिस टीम पूछताछ कर रही थी. रामकृष्णा नगर थानेदार राजेश्वर प्रसाद ने स्वीकार किया है कि दम्पति के बेटे पर ही हत्याकांड को अंजाम देने का आरोप लग रहा है। इस मामले में पुलिस हत्या के एंगिल पर जांच करते हुए अन्य पहलुओं पर भी तहक़ीक़ात कर रही है। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी भी चल रही थी।