पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) दानापुर स्थित गुरुद्वारा हांडी साहिब में सालाना जोड़ मेले के अवसर पर विशेष दीवान सजाए गए। इस दौरान भाई विक्रम सिंह, भाई कविंदर सिंह एवं भाई जगत सिंह के जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन का गायन किया।
गुर इतिहास की कथा एवं अरदास-
कथा वाचक भाई गगनदीप सिंह ने संगत को गुर इतिहास की कथा श्रवण करवाई। इसके बाद तख्त श्री हरिमंदिर साहिब पटना साहिब के एडिशनल हेड ग्रंथी सिंह साहिब दलीप सिंह द्वारा अरदास की गई। तत्पश्चात गुरु का लंगर वितरित किया गया।
उपस्थित प्रमुख संगत-
इस पावन अवसर पर तख्त साहिब प्रबंधक कमेटी के सचिव हरबंस सिंह, उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह, मीडिया प्रभारी सुदीप सिंह, सुपरिटेंडेंट दलजीत सिंह, मैनेजर दलीप सिंह पटेल, महाकांत राय, पपिंदर सिंह, दविंदर सिंह, लंगर इंचार्ज तेजेंद्र सिंह बंटी एवं बिहार सिख फेडरेशन के त्रिलोक सिंह निषाद सहित बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।
गुरु गोबिंद सिंह जी के आगमन की ऐतिहासिक स्मृति-
इस अवसर पर स. गुरविंदर सिंह ने बताया कि दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह जी जब 7 वर्ष की आयु में तख्त श्री पटना साहिब से पंजाब की ओर रवाना हुए, तो उन्होंने दानापुर के इसी स्थान पर रात्रि विश्राम किया था। यहां माता जमुना माई ने गुरु साहिब को एक हांडी में खिचड़ी परोसी थी। तब से हर वर्ष तख्त श्री हरिमंदिर साहिब पटना साहिब की प्रबंधक कमेटी एवं संगतों द्वारा इस दिन को जोड़ मेले के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर संगत को लंगर एवं खिचड़ी का प्रसाद भी वितरित किया गया।
