पटना, अजीत। सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) ने जन विकास शक्ति संगठन, कोशी नव निर्माण मंच और जन जागरण शक्ति संगठन के साथ मिलकर बिहार में समान शिक्षा प्रणाली लागू कराने की मांग को लेकर 6 जुलाई से समस्तीपुर जिले के कर्पूरीग्राम से पदयात्रा शुरू की है जो 10 जुलाई को पटना स्थित जे.पी. निवास, कदम कुआं में समाप्त होगी।
यह पदयात्रा गोखुल, कर्पूरी, फुलेश्वरी डिग्री कॉलेज से शुरू होकर कर्पूरी ठाकुर के पैतृक आवास तक पहुंची जहाँ उनके भतीजे नित्यानंद ने यात्रियों का स्वागत किया. पदयात्रा के दौरान गांधी मूर्ति, ताजपुर, बहुआरा, बाजितपुर, इभैच जैसे स्थानों पर नुक्कड़ सभाएं आयोजित की गईं जिनमें बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी रही.पदयात्रा के दौरान पर्चा वितरण कर आम लोगों को समान शिक्षा प्रणाली की जरूरत और इसके लाभ के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
इस अभियान में 6 जुलाई को पटना से धनंजय सिन्हा, आलोक कुमार, शशिकांत प्रसाद, राष्ट्र सेवा दल से शाहिद कमाल, सहरसा से प्रोफेसर अरमान खान, मधुबनी से प्रोफेसर जावेद अब्दुल्लाह शामिल हुए. वहीं 8 जुलाई को पटना से उद्यमी नशूर अजमल और सामाजिक कार्यकर्ता सर्फराज पदयात्रा से जुड़े। नशूर अजमल नुशी ने कहा कि जब तक हर तबके के बच्चों को एक जैसी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिलेगी, तब तक समाज का संतुलित विकास संभव नहीं है. इसलिए शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाकर सरकार को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत में 1968 में कोठारी आयोग और 2007 में बिहार में मुचकुंद दूबे आयोग ने समान शिक्षा प्रणाली की सिफारिश की थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया. जबकि विश्व के कई देशों ने प्राथमिक शिक्षा के लोकव्यापीकरण का लक्ष्य समान शिक्षा प्रणाली से ही हासिल किया है।
पदयात्रा में आज महेन्द्र यादव, भागवत पंडित, इन्द्रजीत, दुखीलाल यादव, बबीता, अजय साहनी, पिंकी, फूलकुमारी, सुधा, राजो, गौतम यादव, आरती, रिंकी, अविरल अरमान, पवन, संतराम यादव, अशोक चौरसिया, शंकर सिंह, मीनाक्षी सिंह, संदीप पाण्डेय (महासचिव, सोशलिस्ट पार्टी इण्डिया), विजेन्द्र कुमार (अध्यक्ष, सोशलिस्ट पार्टी इण्डिया, बिहार), धनंजय सिन्हा (महासचिव, बिहार), महेन्द्र यादव (पर्यवेक्षक, बिहार) और राजीव कुमार (समन्वयक, सोशलिस्ट युवजन सभा) शामिल रहे।
