फुलवारीशरीफ, अजीत : विधानसभा क्षेत्र के पुनपुन प्रखंड में उस दिन का माहौल कुछ अलग ही था। लखना पूर्वी पंचायत के हर गाँव में लोगों की उत्सुकता देखते ही बन रही थी। वजह थी बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक की “गाँव-गाँव, पाँव-पाँव जनसंवाद यात्रा”।
सुबह से ही सरैया, खैरा, सोनाचक, बलुआचक, मुस्तफापुर, बेलदारीचक, मिरहाजी चक, महमदा, शहादत नगर, मुसनापर, फजलचक, अबधपुर और छठुचक जैसे गाँवों में हलचल मची हुई थी। ग्रामीण बड़ी संख्या में सड़कों के किनारे और चौपालों में जमा हो रहे थे। जब श्याम रजक का काफिला गाँवों में पहुँचा, तो लोगों ने उनका फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों से भव्य स्वागत किया। गाँव के बुजुर्ग, महिलाएँ, युवा और बच्चे – सभी में एक अलग तरह का उत्साह था।
ग्रामीणों से सीधा संवाद, समस्याओं का तत्काल समाधान
गाँव-गाँव घूमते हुए श्याम रजक सीधे ग्रामीणों से मिले। लोगों ने अपनी समस्याएँ खुलकर उनके सामने रखीं – कहीं वृद्धा पेंशन अटकी थी, कहीं विधवा पेंशन में दिक्कत थी, किसी गाँव में पानी की किल्लत थी, तो कहीं कृषि ट्रांसफार्मर की जरूरत थी। आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, नाली की सफाई, नल-जल योजना, राशन की अनियमितता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
श्याम रजक ने न सिर्फ हर समस्या को ध्यान से सुना, बल्कि मौके पर ही कई अधिकारियों से फोन पर बात कर तत्काल समाधान भी करवा दिया। जो समस्याएँ तुरंत हल नहीं हो सकीं, उनके समाधान का भरोसा दिया गया। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि नीतीश कुमार सरकार आम लोगों के लिए काम कर रही है और कोई भी जरूरतमंद सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहेगा।
शहीद को नमन और विकास की नई उम्मीद
शहादत नगर में श्याम रजक ने शहीद रामानंद सिंह जी की आदमकद मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक संकल्प है – फुलवारी विधानसभा क्षेत्र के विकास को और तेज़ करने का।
नीतीश कुमार सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा
गाँव के चौपालों में बैठे लोग ध्यान से सुन रहे थे जब श्याम रजक ने नीतीश कुमार सरकार की योजनाओं की बात की। उन्होंने बताया कि आज बिहार स्वास्थ्य सुविधाओं में देश के अग्रणी राज्यों में से एक बन चुका है। अस्पतालों की संख्या बढ़ी है, मुफ्त दवा मिल रही है और असाध्य बीमारियों का भी निःशुल्क इलाज संभव हुआ है।
उन्होंने औद्योगिक विकास पर भी बात करते हुए कहा कि 2005 के पहले बिहार एक बीमारू राज्य के रूप में जाना जाता था, लेकिन आज यहाँ निवेशक आना चाहते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी नीतियों ने बिहार को प्रगति की नई राह पर ला खड़ा किया है।
गाँव के लोग, कार्यकर्ता और एकता की ताकत
इस जनसंवाद यात्रा में सिर्फ श्याम रजक ही नहीं, बल्कि कई प्रमुख लोग भी मौजूद थे। पंचायत अध्यक्ष उमेश सिंह, पूर्व मुखिया अंजनी कुमार सिंह, ओम सिंह, सतगुरु सिंह, मनीष कुमार, विकास सिंह, राकेश रंजन, कुश सिंह, रोहित पासवान, दीलीप पासवान, लोहा सिंह, लल्लू सिंह, लक्ष्मण पटेल, मदन पासवान, सिदय पासवान, अरविंद सिंह, मनीष सिंह, रजनीश कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीण, कार्यकर्ता, युवा, महिलाएँ और बुजुर्ग इस यात्रा में शामिल हुए।
जनसंवाद यात्रा का संदेश
दिनभर गाँवों में घूमने के बाद जब श्याम रजक विदा होने लगे, तो लोगों के चेहरे पर संतोष और उम्मीद की झलक थी। उन्होंने कहा, “यह यात्रा केवल गाँवों का दौरा भर नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं को समझने और उनके समाधान की दिशा में एक कदम है। अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी भी समस्या में लापरवाही बरते, तो सीधे मुझसे संपर्क करें। मैं आपके लिए हमेशा खड़ा हूँ।”
श्याम रजक की इस यात्रा ने गाँव-गाँव में एक नई ऊर्जा और विश्वास का संचार किया। लोगों को लगा कि उनकी बात सुनी जा रही है, उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जा रहा है और बिहार विकास की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है।
