गया(अरुणजय प्रजापति): इमामगंज का अविनाश और आयुष पावरलिफ्टिंग में तो सात खिलाड़ी कबड्डी के लिए नेपाल में करेगा भारत का प्रतिनिधित्व।
गया जिले नक्सल प्रभावित इलाका इमामगंज प्रखंड क्षेत्र में एक समय ऐसा था। जहां नक्सलियों की बंदूक की आवाज और लाल सलाम की गूंज सुनाई देती थी। लेकिन समय के अनुसार क्षेत्र में कई बदलाव आ रहे हैं।
यह बदलाव का कारण बिहार सरकार के द्वारा चलाई नई शिक्षा नीति के तहत कई कार्यक्रमों से उनमें बदलाव आ रहा है। और आज के युवाओं और व्यक्तियों मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। अब यहां के बच्चे शिक्षा के साथ-साथ कुश्ती प्रतियोगिता और खेलों से जुड़े कर विदेशों में पहुंचकर गोल्ड मेडल विजेता बन रहे है।
ऐसा ही एक बार फिर गया जिले के गोल्ड विजेता पहलवान अविनाश कुमार और आयुष पांडे अपने पहलवानी से कई लोगोंको के पिछाड़ चुके हैं। वही एक बार फिर अपनी पहलवानी से दुश्मनों को पकड़ने के लिए नेपाल में अपने हुनर का प्रतिनिधित्व करेंगे।
जिसमें आयुष पांडे को 80 किलो का भार वर्ग में तो अविनाश कुमार को 65 किलो का भार वर्ग में चयन हुआ है। जबकि कबड्डी के लिए सत्यम कुमार, आशीष कुमार, ऋषभ कुमार, अनुराग सोलंकी, पीयूष कुमार, आशीष कुमार और ध्रुव कुमार को चयन हुआ है।
वही चयनित सभी प्रतिभागियों को इमामगंज से सुरक्षित वाहन के द्वारा नेपाल के लिए रवाना किया गया।
इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता प्रेमचंद उर्फ निको सिंह, पंकज सिंह और बिहार फर्नीचर के प्रोपराइटर सोनू कुमार ने सभी बच्चों को प्रोत्साहन राशि एवं आशीर्वाद वचन देख कर सभी रवाना किया। वहीं इस संबंध में कोच शुभम पहलवान ने बताया कि सभी चयनित खिलाड़ियों 8 जनवरी को नेपाल के पोखरा में आयोजित कार्यक्रम में अपने हुनर बाजी से भारत और नेपाल का प्रतिनिधित्व करेंगे।
वही इन सभी चयनित खिलाड़ियों को चयन होने पर इमामगंज वासियों में खुशी है। लोगों को गर्व है कि चाय बेचने वाला का बेटा तो किसी का मजदूरी करने वाला का बेटा अपने प्रतियोगिता में अपने दमखम से नेपाल भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं।
वहीं इस संबंध प्रेमचंद उर्फ निकू सिंह ने बताया कि हमें बहुत खुशी हो रही है कि ऐसे सुदूरवर्ती क्षेत्र के कई बच्चे प्रतिभा को निखारने के लिए नेपाल की रवाना हुए हैं। जहां नेपाल के पोखर में 8 जनवरी को आयोजित होने वाले ऐसे तमाम प्रतियोगिता में सभी बच्चे भाग लेंगे।
जहां वे सभी भारत और नेपाल के लिए देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें से खास एक बच्चा अविनाश कुमार पहलवान ऐसा परिवार से है जो उनके पिता सुरेंद्र प्रसाद चाय बेचते हैं। अविनाश कुमार पहलवान पहले भी देश को स्वर्ण पदक अपने नाम हासिल कर चुके हैं।
जहां वें नेपाल में दमखम दिखाएंगे। हम लोग को आशा और विश्वास है कि यह सही बच्चे अपने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर अवश्य आएंगे। ऐसा ही इन बच्चों के लिए हम भगवान से शुभ कामना करते हैं। इस मौके पर दर्जनों लोग मौजूद थे।
