फुलवारीशरीफ, अजीत। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को सर्वमंगला सांस्कृतिक मंच की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई. उपस्थित कलाकारों और सदस्यों ने उनके व्यक्तित्व, कृतित्व तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के सचिव महेश चौधरी ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा, प्रेम और सद्भाव के माध्यम से देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी. उन्होंने पूरी दुनिया को मानवता, शांति और भाईचारे का संदेश दिया. गांधीजी के विचार आज भी समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी, ईमानदारी, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है. कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ देश के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन किया. उनका जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
संस्था के नाट्य निर्देशक मिथिलेश कुमार पांडे ने कहा कि केवल जयंती मनाने से महापुरुषों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि पूरी नहीं होगी. उनके बताए रास्ते पर चलना और उनके आदर्शों को आचरण में उतारना ही उनके प्रति वास्तविक सम्मान है. समाज में सत्य, अहिंसा, आपसी प्रेम, भाईचारा और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि गांधीजी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत तथा शास्त्रीजी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को जीवन में अपनाकर ही उनके सपनों के भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है. कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं से दोनों महापुरुषों के जीवन संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेकर समाज और देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
