बिहार

NMCH में चूहों का आतंक, एक मरीज के पैर की उंगलियां चूहों ने कुतर दीं

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार की राजधानी पटना का दूसरा सबसे बड़ा नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल  (NMCH) आजकल अपनी चिकित्सा सेवाओं से ज्यादा चूहों के आतंक को लेकर सुर्खियों में है। पटना के एनएमसीएच में भर्ती मरीजो के लिए चूहा एक बड़ी मुसीबत बन गई है. आए दिन चूहों द्वारा मरीज को काटने की घटना सामने आते रहती है. चूहों के आतंक से मरीज से लेकर नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर भी परेशान हैं. कैंटीन से लेकर वार्ड तक में मोटे-मोटे चूहे घूमते रहते हैं. सफाई के लिए तैनात एजेंसी की ओर से चूहों के नियंत्रण के लिए अबतक कोई उपाय नहीं किया गया है.

घटना पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल  के हड्डी रोग विभाग का है जहां ऑपरेशन के लिए आए बिहार के नालंदा जिला निवासी अवधेश कुमार के एक पैर की पांचो उंगलियों को चूहों ने बुरी तरह कुतर दिया.बताया जाता है कि  अवधेश कुमार डायबिटीज से पीड़ित हैं और उनका एक पैर पहले से ही नहीं है. घटना बीते शनिवार का बताया जाता है. बताया जाता है कि डायबीटिक न्यूरोपैथी के कारण अवधेश कुमार के दूसरे पैर में भी समस्या आ गई थी. लगभग 20 दिन पूर्व उन्हें एनएमसीएच के हड्डी रोग विभाग में डॉक्टर ओमप्रकाश की यूनिट में भर्ती कराया गया था. ऑपरेशन होने के बाद अवधेश कुमार हड्डी रोग विभाग के यूनिट 4  में बेड संख्या 55 पर भर्ती थ।

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बीते शनिवार को चूहों ने उनके दाहिने पैर की सभी पांच उंगलियों को बुरी तरह से कुतर दिया, चूहों के कुतरने से उनका घाव ठीक होना और भी मुश्किल हो गया है. मरीज ने पैर के उंगलियों को कुतरने की जानकारी  डॉक्टर को दी ۔उसके बाद डॉक्टरों की टीम ने ड्रेसिंग कर मरीज को दर्द से राहत दी !NMCH में भर्ती अन्य मरीज और अस्पताल के गार्ड ने चूहों के आतंक को स्वीकार करते हुए बताया कि आए दिन अस्पताल में चूहे घूमते रहते हैं, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

8 महीने पहले भी हुआ था हंगामा चूहे अस्पताल में मौजूद उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाते रहते हैं. पूरे मामले पर पूछे जाने पर हड्डी रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ ओमप्रकाश ने घटना की पुष्टि करते हुए चूहों के आतंक को स्वीकार किया है. विभागाध्यक्ष ने पूरे मामले से अस्पताल अधीक्षक को लिखित रूप से आवेदन दे दिया है ۔पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि ۔चूहे के आतंक के लिए मरीज के परिजन भी जिम्मेवार है ۔खाने पीने के वस्तु इधर ۔۔उधर खिड़की पर फेंक देते हैं ۔जिसके कारण चूहे आ जाते हैं गौरतलब है कि लगभग 8 महीने पूर्व नालंदा जिले से रेफर होकर आए एक युवक की मृत्यु के बाद उसकी एक आंख गायब पाई गई थी, जिसे लेकर अस्पताल में खूब हंगामा हुआ था. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर आंख निकालने का भी आरोप लगाया था. मामले को लेकर गठित जांच कमेटी ने चूहों द्वारा आंख खाए जाने की बात कही थी।

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