अररिया(रंजीत ठाकुर): नरपतगंज प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्र में लगातार रोज बढ़ते ठंड से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिस कारण क्षेत्र में किसान सहित गरीब मजदूरों का हाल बुरा हो गया है।
मवेशी ,पशु-पक्षी आदि जीव जंतु ठंड के कारण बीमार होने लगे हैं। गाय,भैंस पालने वाले किसानों के अनुसार दूध उत्पादन में भारी कमी आ गई है, किसान ने बताया इसका मुख्य कारण बढ़ती ठंड है। ठंड के कारण मवेशी को समय पर चारा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है और अत्यधिक ठंड के कारण ही बीमार पड़ रहे हैं।
बताते चलें कि सीमा क्षेत्र में सरकारी अलाव का व्यवस्था नहीं होने से गरीब तबके के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। नवाबगंज पंचायत स्थित फुलकाहा बाजार में ठंड से बचने के लिए लोग प्लास्टिक, कागज,कूट आदि को जला कर ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
जबकि प्लास्टिक जैसे कूड़ा करकट जलाने से कई तरह के बीमारियों को आमंत्रण देना होता है और लोग अक्सर बीमार पड़ते दिखे जाते हैं। समाचार संकलन के दौरान फुलकाहा बाजार में प्लास्टिक और कूट के जले अलाव को तापते हुए लोगों से पूछने पर बताया कि इस बाजार में सरकारी योजना से इतनी बड़ी बढ़ते ठंड में कोई अलाव की व्यवस्था नहीं है यहां ठंड के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त नजर आ रहा है। हम लोग बाजार के अवशिष्ट पदार्थों को जलाने को मजबूर हैं।
