पटना(रॉबीन राज): रोहतास निवासी 14 वर्षीय बच्ची जो डेंगू से पीड़ित है और फिलहाल पटना एम्स में भर्ती है। जिसको रक्त की सख्त जरूरत थी और वो ब्लड मिलना काफ़ी मुश्किल था लेकिन माँ ब्लड सेंटर द्वारा रेयरेस्ट ऑफ रेयर बॉम्बे ब्लड ग्रुप निःशुल्क उपलब्ध कराया गया हैं। बतादें की आमतौर पर इंसानों में A+, B+, AB+, 0+ या A-, B-, AB-, 0- जैसे ब्लड ग्रुप पाए जाते हैं लेकिन एक ऐसा ब्लड ग्रुप भी है जिसके बारे में शायद ही किसी को पता हो।
दुनिया भर में यह बेहद दुर्लभ ब्लड ग्रुप है, जिसकी वजह से इस ग्रुप का डोनर मिलना भी मुश्किल होता है। यह बहुत कम लोगों के शरीर में पाया जाता है जिसके कारण इसे गोल्डन ब्लड कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम आर.एच. नल ब्लड ग्रुप (Rh Null Blood Group) है। कहा जाता है कि इस ब्लड ग्रुप को किसी भी ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति को चढ़ाया जा सकता है। क्योंकि किसी भी ब्लड ग्रुप के साथ यह आसानी से मैच हो जाता है। यह ब्लड ग्रुप सिर्फ उस व्यक्ति के शरीर में मिलता है जिसका Rh फैक्टर Null (Rh-null) होता है।
पटना के एम्स में बॉम्बे ब्लड ग्रुप से जुड़ा एक मामला संज्ञान में आया है। रोहतास निवासी 14 साल की बच्ची डेंगू से पीड़ित है और फिलहाल वो पटना एम्स में भर्ती है। एम्स पटना द्वारा माँ ब्लड सेंटर को बॉम्बे ब्लड ग्रुप का एक यूनिट उपलब्ध कराने हेतु पत्र प्रेषित किया गया था। मां ब्लड सेंटर से जुड़े डॉ. यू. पी. सिन्हा के नेतृत्व में अमर तथा अमन द्वारा जब पीड़ित बच्ची के खून के नमूने की जांच की गई तो सब हैरत में पड़ गए। उस बच्ची के खून का नमूना बॉम्बे ब्लड ग्रुप था। मां ब्लड सेंटर के संस्थापक मुकेश हिसारिया के अथक प्रयास के बावजुद भी पटना के किसी भी ब्लड सेंटर, ब्लड बैंक में इस ग्रुप का ब्लड नहीं मिला। अंततः बिहार के बाहर विभिन्न ब्लड बैंकों से उक्त ग्रुप का ब्लड प्राप्त करने के प्रयास के क्रम में उन्होंने मुंबई के लाईफ ब्लड काउंसिल के विनय शेट्टी से संपर्क स्थापित किया।
विनय शेट्टी के अद्भुत सेवा भावना के फलस्वरूप सायन ब्लड सेंटर, मुंबई और काई वामनराव ओक ब्लड बैंक, थाणे के सौजन्य से बॉम्बे ब्लड ग्रुप का दुर्लभ ब्लड का आपूर्ति संभव हो पाया। माँ ब्लड सेंटर द्वारा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत सभी कागजी प्रक्रिया पूरी कर मुंबई से बॉम्बे ब्लड ग्रुप का यूनिट प्राप्त किया गया और एम्स पटना को इसे निःशुल्क मुहैया कराया गया। उम्मीद है कि मानव सेवा से जुड़े सभी कर्मयोगियों एवं माँ ब्लड सेंटर द्वारा किये गए सराहनीय प्रयास से अब डेंगू पीड़ित बच्ची का इलाज जल्द से जल्द किया जा सकेगा।
