बिहार

एक लक्ष्य, एक संकल्प : गौरैया संरक्षण के लिए आगे आएं : मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर राजधानी पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान में पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मंत्री डॉ प्रमोद कुमार ने लोगों से अपील की कि वे अपने जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित कर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान दें।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने नेचर एजुकेशन लाइब्रेरी का अवलोकन किया, जहां गौरैया से संबंधित तस्वीरें, पेंटिंग, घोंसले और विभिन्न कलाकृतियां प्रदर्शित की गई थीं। उन्होंने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना हमें यह सिखाती है कि इस धरती पर हर जीव का समान अधिकार है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि तेजी से बढ़ते विकास के बीच पक्षी और वन्यजीवों का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है, जिसे बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी गौरैया संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर संजय गांधी जैविक उद्यान के 3डी थिएटर में पटना जू के मोबाइल ऐप और नई वेबसाइट का भी लोकार्पण किया गया। साथ ही मंत्री ने हरी झंडी दिखाकर ‘जू गाइड फैसिलिटी’ को रवाना किया। इस फैसिलिटी की शुरुआत से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सकेगा। जू निदेशक हेमंत पाटिल ने बताया कि इस ऐप के माध्यम से आगंतुकों को उद्यान में नेविगेशन की सुविधा, पशु-पक्षियों और वनस्पतियों की विस्तृत जानकारी, टिकट बुकिंग, फीडबैक और कंट्रोल रूम से संपर्क जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यह पहल डिजिटल माध्यम से पर्यटकों को अधिक सुलभ और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करेगी।

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कार्यक्रम में ‘स्पैरो मैन ऑफ बिहार’ के नाम से प्रसिद्ध अर्जुन सिंह को गौरैया संरक्षण में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के विजेता सुशील कुमार को भी इस दिशा में उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। विभिन्न स्कूलों से आए बच्चों ने पेंटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने बताया कि संजय गांधी जैविक उद्यान द्वारा कृत्रिम घोंसलों का वितरण किया जा रहा है और नेचर एजुकेशन लाइब्रेरी में गौरैया के लिए विशेष खंड विकसित किया गया है। वहीं विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) अरविंदर सिंह ने जानकारी दी कि वर्ष 2013 में गौरैया को बिहार का राजकीय पक्षी घोषित किया गया था। उन्होंने बताया कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में गिद्धों की बढ़ती संख्या पर्यावरण संरक्षण के सफल प्रयासों का संकेत है।
इस अवसर पर विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) अरविन्दर सिंह, नारी गुंजन संस्था की पद्मश्री सुधा वर्गीज, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक-सह-मुख्य वन्यप्राणी प्रतिपालक अभय कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कैम्पा) सुरेन्द्र सिंह, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण के निदेशक एस० चन्द्रशेखर,विशेष सचिव आलोक कुमार, जू निदेशक हेमंत पाटील, राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी-सह-उप महानिदेशक एन.आई. सी शैलेश कुमार श्रीवास्तव, तथा विभाग के वरीय पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

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