पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 27 अप्रैल 2026 से फॅमिली प्लानिंग लोजिस्टिक्स मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम को केंद्रीय डीवीडीएमएस के साथ एकीकृत कर दिया गया है और निर्देशानुसार राज्य में भी इसके लिए स्वास्थ्य अधिकारीयों एवं कर्मियों का उन्मुखीकरण प्रस्तावित है. इसी क्रम में बुधवार को पटना के शेखपुरा स्थित राजकीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान में राज्य स्वास्थ्य समिति एवं पीएसआई इंडिया के तत्वावधान में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम जिलों को दो बैच में विभाजित कर किया जा रहा है. आज 20 जिलों के जिला अनुश्रवण एवं मुल्यांकन पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं जिला औषधि भंडार के इंचार्ज ने उन्मुखीकरण कार्यशाला में शिरकत की।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, परिवार नियोजन कार्यक्रम, डॉ. सरिता ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के बाद उपस्थित प्रतिभागी मास्टर ट्रेनर के रूप में अपने-अपने जिलों के कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य परिवर नियोजन सामग्रियों का वैज्ञानिक तरीके से जिलों में रख रखाव एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने में आसानी होगी।
यह प्रशिक्षण केंद्रीय टीम द्वारा दिया गया. टीम की अगुआई डॉ. इंदु ग्रेवाल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की सहायक आयुक्त (असिस्टेंट कमिश्नर) ने की. टीम द्वारा प्रतिभागियों को पोर्टल पर काम करने की तकनीकी जानकारी और आवश्यक सुझाव दिए। प्रथम बैच में शामिल जिलों में यथा गया, अरवल, औरंगाबाद, जहानाबाद, नवादा, जमुई, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, बेगुसराय, पटना, कैमूर, रोहतास, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, सारण, गोपालगंज और सिवान शामिल रहे. गुरुवार को दूसरे बैच में भागलपुर, बांका, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, अररिया, कटिहार, किशनगंज, पुर्णिया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली, शिवहर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण शामिल रहेंगे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों का क्षमतावर्धन करना और सुनिश्चित करना था कि ससमय, वैज्ञानिक और क्रमवार ढंग से परिवार नियोजन सामग्रियों को रखा जाए।
