अररिया, रंजीत ठाकुर : नरपतगंज प्रखंड के भारत नेपाल सीमा से सटे हरिपुर घूरना स्थित चैती दुर्गा माता मंदिर परिसर से रविवार को चैती नवरात्रि के कलश स्थापना के शुभ अवसर पर 108 कुमारी कन्याओं व महिलाओं द्वारा भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई। रंग बिरंगे परिधानो से सज कर कुमारी कन्याओं व महिलाओ का हुजूम गाजे-बाजे के साथ पंडित बच्चन झा द्वारा संकल्प करने के बाद सुरसर कोसी नदी में जल भरकर चैती दुर्गा मंदिर प्रांगण पहुंचा। जहां विधि विधान से जल भरने का कार्यक्रम किया गया। कलश यात्रा के साथ ही पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया।
सभी के गले में लाल रंग की चुनरी व माथे पर जय माता दी की पट्टी के साथ जय माता दी ,जय मां शेरावाली, मां भवानी, मां दुर्गे, माता लक्ष्मी, मां शारदे, जय बाबा भोलेनाथ के जयकारों के साथ सभी श्रद्धालुगण का उत्साह बढ़ा हुआ था। पंडित बच्चन झा के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश को भगवती स्थल में स्थापित कर प्रथम पूजा शैलपुत्री की किया गया। श्रद्धालुगण कलश शोभा यात्रा के साथ कलश स्थापना व शैलपुत्री की पूजा में भी भाग लिया। इस कलश शोभा यात्रा में सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पंडित बच्चन झा के अनुसार कलश यात्रा का इस पूजा में विशेष महत्व है । ऐसी मान्यता है कि कलश के मुख में सभी देवी देवताओं का वास होता है ।
इस कारण कलश यात्रा का अपना एक अलग धार्मिक महत्व होता है । इस कलश शोभा यात्रा में पंडित बच्चन झा, हीरा झा, ब्रह्मानंद झा , मंदिर कमिटी के अध्यक्ष अनिल कुमार झा उर्फ बाबा आकाश नाथ झा, अमोल झा, बच्चा झा,करुण झा, सूरज झा, सिंटू झा, माही कुमारी, कनिष्का, श्वेता, सोनाली पल्लवी, शिखा, छोटी के अलावे सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कमेटी के अध्यक्ष अनिल कुमार झा उर्फ बाबा आकाशनाथ झा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष धूमधाम से मां भगवती की पूजा की जाती है, लेकिन 108 कुमारी कन्याओं व महिलाओं द्वारा शोभा कलश यात्रा चैती नवरात्रि में प्रत्येक वर्ष निकाली जाती है। इस कलश शोभा यात्रा को देखने के लिए दूर-दूर से भक्त गण आए हैं। इस कलश शोभायात्रा में कुमारी कन्याओं व महिलाओं ने मिट्टी का कलश नारियल के साथ लाल चुनरी के साथ शामिल थी।