बिहार

लॉकडाउन के 17वें दिन भी मध्यम वर्ग के लोग है परेशान, सड़के भी हैं वीरान

अररिया(रंजीत ठाकुर): कोरोना महामारी को लेकर जहाँ आम आदमी परेशान है। वहीं संक्रमण से बचाव के लिये सरकार व स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ पुलिस प्रशासन की नींदें उड़ी हुई है। संक्रमण को लेकर राज्य में आज 17 दिनों से लॉकडाउन लगा हुआ है। सरकारी निर्देशों के अनुसार कुछ व्यापारियों को जहां सरकारी समयानुसार अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखना व खोलना है। खासकर छोटे व्यापारियों के लिए परेशानियों का सबब बनता जा रहा है। 17वें दिन लॉक डाउन से छोटे व मंझले व्यापारीय भुखमरी की स्थिति पर पहुंच चुकी है। वही लोग लॉक डाउन का पालन करते हुए अपने अपने घरों में हैं जिससे सड़कें बिल्कुल सूनी पड़ी है.

इसी कड़ी में नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के सभी बाजारों का स्थिति इस प्रकार है की बड़े व्यापारी अपने निजी प्रतिष्ठान को बंद करके भी अपनी कमाई कर लेते हैं, लेकिन छोटे व मध्यम वर्ग के लोग खुले में जो व्यापार करते हैं,जैसे चाय,मिढ़ाई, पान, कॉस्मेटिक,आदि अन्य व्यापार पूरी तरह ठप हो चुका है।जिससे छोटे व मंझले वर्ग के व्यापारी का स्थिति भुखमरी के कगार पर पहुंच चुका है। छोटे व्यापारी सप्ताहिक बंधन बैंक से कर्ज लेकर अपने प्रतिष्ठान को चलाते हैं तथा अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। जिसके चलते कर्ज वापस करना मुसीबत बनता जा रहा है। बैंक कर्मी के द्वारा एम आई को लेकर दबाव भी बनाया जा रहा है। आखिर व्यापारी करे तो क्या करें.

लॉकडाउन के साथ महंगाई का असर, मध्यम वर्ग के लोगों का कमर तोड़ रहा है:-

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सरसों का तेल,दाल,सब्जी, आदि खाने-पीने के सामानों के कीमत में प्रतिदिन वृद्धि होने से मध्यम वर्ग के लोगों को जीना मुश्किल होता जा रहा है।
वहीं सरकारी दरों का कोई पालन नहीं किया जा रहा है। और ना ही दर तालिका किसी भी दुकान में लगाया जाता है.

क्या कहते हैं छोटे व मध्यम वर्ग के व्यापारी पंकज साहा एवं जितेंद्र रजक जानिए:-

इस बाबत चाय एवं पान व छोटे व्यापारी कहते है कि बड़े बड़े व्यापारियों के लिए लॉकडॉन कहने को है, इन बड़े व्यपारी ने अपनी दुकान का शटर बंद करके भी लाखों रुपए की कमाई कर लेते हैं। लेकिन हम गरीब छोटे व्यापारी जो खुले में अपने व्यापार करते हैं उसका व्यापार बंद हो चुका है। जिससे हम लोगों का स्थिति भीख मांगने के बराबर हो चुका है। हम छोटे व्यापारियों के पास व्यापार करने की उतने पूंजी नहीं है कि व्यापार बदल दें. इसी कड़ी में फुलकाहा बाजार के सभी प्रतिष्ठान वालों ने सरकारी दिशा निर्देशों के अनुसार अपनी-अपनी प्रतिष्ठान को 12:00 बजते ही बंद कर देते है। तो वहीं फुलकाहा थाना पुलिस ने गस्त करते हुए लोग से कहते हैं कि बाजार बंद हो चुकी है? आप लोग अपने-अपने घर जाएं, मास्क लगावे शारीरिक दूरी बनाकर रखें और कोरोना महामारी जैसे संक्रमण से अपने भी बचे दूसरे को भी बचावे।वहीं शाम होते ही सड़कें वीरान जैसी लगती है।दिन के 12बजे के बाद बाजार में दवाई दुकान छोड़ सभी दुकानें बंद है दवाई दुकानों पर इक्का-दुक्का लोग नजर आते हैं।

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