पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24) जिले के पूर्णिया पूर्व प्रखंड में संचालित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रानीपतरा में मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के अनुरूप होने की जानकारी के लिए दो सदस्यीय राज्य स्तरीय टीम द्वारा अस्पताल का निरक्षण किया गया। दो दिवसीय निरक्षण के दौरान राज्य स्तरीय टीम द्वारा मरीजों के लिए अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्था एवं उससे मरीजों को मिल रही लाभ का जांच व मूल्यांकन किया गया। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जांच के लिए उपस्थित दो सदस्यीय टीम में राज्य स्वास्थ्य विभाग से राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक मो. मसऊद आलम और पिरामल फाउंडेशन स्वास्थ्य से डॉ. विकास कुमार शामिल रहे।
निरक्षण के दौरान राज्य स्तरीय टीम को जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल में उपलब्ध सभी सुविधाओं की जानकारी देते हुए वहां से मरीजों को मिल रहे लाभ की आवश्यक जानकारी दी गई। इस दौरान जिला स्वास्थ्य विभाग से यूनिसेफ जिला समन्यवक शिवशेखर आनंद, जिला सलाहकार गुणवत्ता यकीन पदाधिकारी (डीसीक्यूए) डॉ अनिल कुमार शर्मा, पूर्णिया पूर्व प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शरद कुमार, बीएचएम विभव कुमार, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन, जीएनएम के साथ अन्य अस्पताल कर्मी उपस्थित रहे।
निरक्षण टीम द्वारा अस्पताल में उपलब्ध 06 विभागों का लिया गया जायजा :
राज्य स्तरीय टीम द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के अनुरूप अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, रानीपतरा में मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली गई। निरक्षण टीम में शामिल राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक मो. मसऊद आलम ने बताया कि राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के अनुसार अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजों के इलाज के लिए छः तरह की सुविधा का होना जरूरी है। इसमें ओपीडी, आईपीडी, लेबर रूम, लैबोरेटरी की सुविधा, गैर संचारी रोग नियंत्रण की सुविधा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम में शामिल कालाजार, फाइलेरिया, टीबी से ग्रसित मरीजों के उपचार की व्यवस्था शामिल हैं।
राज्य टीम द्वारा अस्पताल में उपलब्ध इनसभी सुविधाओं का निरक्षण करते हुए वहाँ से मरीजों को मिल रही सुविधाओं का मूल्यांकन किया गया। इस दौरान अस्पताल में उपस्थित मरीजों से भी सामान्य दिनों में अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली गई। सभी जानकारी एकत्रित करते हुए निरक्षण टीम द्वारा राज्य स्वास्थ्य समिति को रिपोर्ट किया जाएगा। उसके आधार पर राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को एनक्यूएएस मानक के अनुसार उपलब्ध सुविधाओं का मूल्यांकन करते हुए अस्पताल को अंक प्रदान किया जाएगा।
70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त होने पर अस्पताल को मिलेगा एनक्यूएएस प्रमाणपत्र :
यूनिसेफ जिला समन्यवक शिवशेखर आनंद ने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का एनक्यूएएस के अनुसार मूल्यांकन दो स्तर से किया जाता है। पहले राज्य स्तरीय टीम द्वारा अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का निरक्षण करते हुए वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी एकत्रित की जाती है। उस आधार पर राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित अस्पताल का मूल्यांकन करते हुए संबंधित अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं को अंक प्रदान किया जाता है। 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त होने पर सम्बंधित अस्पताल को राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्यस्तरीय एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। उसके बाद संबंधित अस्पताल राष्ट्रीय स्तर पर एनक्यूएएस प्रमाणपत्र का पात्र बन जाता है।
राष्ट्रीय स्तर पर एनक्यूएएस प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने पर नेशनल टीम द्वारा फिर से अस्पताल का निरक्षण किया जाएगा। उसके अनुसार अस्पताल को मिले अंक के आधार पर संबंधित अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर पर एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। एनक्यूएएस प्रमाणपत्र के लिए स्वास्थ्य केंद्र में वह सभी व्यवस्था उपलब्ध होना चाहिये जो उस स्तर के अस्पताल के लिए आवश्यक है। मूल्यांकन के बाद अस्पताल को दिया जा रहे अंक में 70 प्रतिशत से अधिक अंक होने पर ही संबंधित अस्पताल को एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। उसके अनुसार जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, रानीपतरा में वह सभी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है जिसका मूल्यांकन करने के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल को राज्य स्तरीय एनक्यूएएस प्रमाणपत्र मिल सकता है।
राज्य स्तरीय एनक्यूएएस प्रमाणपत्र के लिए तैयार जिला का दूसरा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है रानीपतरा :
सिविल सर्जन डॉ ओ पी साहा ने कहा कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, रानीपतरा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के लिए तैयार किया गया जिले का दूसरा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। इससे पहले पूर्णिया पूर्व प्रखंड के ही अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी), महेन्द्रपुर को एनक्यूएएस के लिए तैयार किया गया था जिसका मूल्यांकन करने के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसे राज्य स्तरीय एनक्यूएएस प्रमाणिकरण जारी किया गया है।
राज्य स्तरीय टीम द्वारा एपीएचसी महेन्द्रपुर को 83.7 प्रतिशत अंक प्रदान किया गया है जिसके बाद एपीएचसी, महेन्द्रपुर बिहार राज्य का पहला एनक्यूएएस प्रमाणित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बना है। एपीएचसी रानीपतरा को भी जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी मानक सुविधा के अनुसार तैयार किया गया है। राज्य टीम द्वारा निरक्षण के बाद इसे भी अंक प्रदान करते हुए अस्पताल को एनक्यूएएस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसके अनुसार अस्पताल के विकास को लगातार जारी रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सहयोग राशि प्रदान किया जाएगा जिससे कि अस्पताल का सुदृढ़ीकरण लगातार जारी रखा जाएगा।
