अररिया, रंजीत ठाकुर। डेंगू संक्रमण के प्रसार के लिहाज से आने वाले 15 दिन अधिक संवेदनशील है. लिहाजा इस दौरान लोगों को बचाव संबंधी उपायों पर गंभीरता पूर्वक अमल करने की जरूरत है. जिले में अब तक 43 लोग डेंगू के शिकार हो चुके हैं. फिलहाल एक्टिव मरीजों की संख्या 04 है. जिनका इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में जारी है. इधर डेंगू के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है. प्रभावित इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर टेमीफोस दवा का छिड़काव किया जा रहा है. ताकि संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके.
डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विभाग सतर्क जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि डेंगू संक्रमण के प्रसार के लिहाज से आगामी 15 दिन बेहद संवेदनशील हैं. लिहाजा इस दौरान बचाव संबंधी उपायों पर गंभीरता पूर्वक अमल जरूरी है. उन्होंने बताया कि ठंड का प्रकोप बढ़ने पर डेंगू का प्रसार नियंत्रित होने की संभावना रहती है. जिले में ठंड धीरे-धीरे दस्तक देने लगा है. डीवीबीडीसीओ ने बताया कि डेंगू संबंधी जांच के लिये सभी पीएचसी को पर्याप्त मात्रा में डेंगू जांच किट उपलब्ध कराया गया है.
वहीं प्रभावित इलाकों में रोग के प्रसार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से टेमीफोस दवा छिड़काव के लिये उपलब्ध कराया गया है. संबंधित पीएचसी में डेंगू के मरीज मिलने पर मरीज के घर से 500 मीटर के दायरे में दवा के छिड़काव का आदेश दिया गया है. फारबिसगंज में अब तक डेंगू का सबसे अधिक मामले जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ कर 43 हो गयी है. इसमें अधिकांश स्वस्थ हो चुके हैं. फिलहाल एक्टिव मरीजों की संख्या 04 है. जिला का फारबिसगंज प्रखंड डेंगू संक्रमण के लिहाज से अब तक बेहद संवेदनशील रहा है. फारबिसगंज में अब तक डेंगू के 19 मामले सामने आ चुके हैं. वहीं अररिया प्रखंड में 15 मरीज मिले हैं.
अब तक नरपतगंज में 03, कुर्साकांटा में 02, जोकीहाट में 01 मामले मिले हैं. वहीं 01 मरीज खगडिया जिला से संबद्ध हैं. रोग प्रबंधन व विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में इलाज जरूरी सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि डेंगू संबंधी मामलों में रोग का कुशल प्रबंधन व विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में मरीजों का समुचित इलाज जरूरी है. इसके लिये जरूरी है कि रोग संबंधी किसी तरह का लक्षण दिखने पर तत्काल जांच व इलाज को प्राथमिकता दी जाये. उन्होंने कहा कि डेंगू के मामले में बिना विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श लिये दवा सेवन से परहेज किया जाना चाहिये.
