बिहार

मॉडल आंगनबाड़ी बन रहा बच्चों में बेहतर शिक्षा एवं सुपोषण का सूत्रधार

पूर्णिया(न्यूज क्राइम 24): बेहतर शिक्षा एवं सुपोषण बच्चों के सर्वंगिण विकास के लिए जरुरी होता है। इस दिशा में आईसीडीएस की भूमिका सराहनीय रही है। शिक्षा एवं पोषण से बच्चों को जोड़ने के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों का आधुनिकरण आईसीडीएस की सेवाओं को अधिक प्रभावी बना रही है। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित कर आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाया गया है। इसके साथ ही इसे आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है।

ताकि बच्चों के लिए बेहतर उपयोगी बनाया जा सके। कसबा के रामटोला ललहरिया गांव स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को पढ़ाई के साथ ही पौस्टिक आहार खाने से लेकर सभी तरह का ख्याल रहा जाता है। इसके लिए केंद्र में पोषण वाटिका का भी निर्माण किया गया है, जहाँ जहां नींबू, पालक, पपीता, अमरुद, केला, गाजर, फूल की खेती की गई है। वहीं पढ़ने वाले बच्चो की माताओं के विशेष रूप से ध्यान रखने के लिए महीने के प्रथम शुक्रवार को आरोग्य दिवस मनाया जाता है जिसमें एएनसी जांच की सुविधा उपलब्ध रहती हैं।

मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से शिशुओं को बनाया जाएगा स्मार्ट: डीपीओ


समेकित बाल विकास परियोजना विभाग की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि जिले के सभी मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को स्मार्ट बनाए जाने को लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए विभिन्न प्रखंडों से कुछ ही आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल बनाया गया है। ताकि उसको देख कर आसपास के केंद्रों की सेविकाओं द्वारा एक सार्थक प्रयास कर अपने केंद्रों को भी उसी तर्ज़ पर बना सके। जिन केंद्रों में आधारभूत सुविधाओं की कमियां रहेंगी वहां सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा जाएगा। इन सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को सेविकाओं द्वारा खेल-खेल में ही नई-नई तकनीकों के सहारे अक्षर का ज्ञान सिखाया जाता हैं।

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मनोरंजन के साथ ही सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध: सीडीपीओ


कसबा की सीडीपीओ मीरा देवी ने बताया कि स्थानीय प्रखंड क्षेत्र के कुल्लाखास पंचायत अंतर्गत रामटोला लालहरिया गांव स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र में छह साल से कम उम्र के बच्चों को बेहतर तरीक़े से अक्षर ज्ञान उपलब्ध कराने में कारगर साबित हो रहा है। यहां के बच्चों को निजी विद्यालयों में नौनिहालों को जिस तरह से शिक्षा दी जाती है। ठीक उसी तरह आवश्यकता अनुसार सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। संबंधित केंद्र की सेविका कंचन कुमारी के द्वारा बच्चों के लिए खेल से लेकर मनोरंजन तक के लिए विभागीय स्तर के सहयोग से किया गया हैं। केंद्र के माध्यम से शिशु व गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, स्वास्थ्य, पोषण, व प्री स्कूल से जुड़ी सेवा स्थानीय लोगों को सहजता पूर्वक उपलब्ध कराया जा रहा है।

मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र में नौनिहालों का रखा जाता है विशेष ख़्याल: सेविका


कसबा प्रखंड के कुल्लाख़ास पंचायत अंतर्गत रामटोला ललहरिया गांव में संचालित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र संख्या- 90 की सेविका कंचन कुमारी ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण काल से पूर्व मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र की शुरुआत हुई थी। जब से मॉडल केंद्र बना हुआ है तब से इसके प्रति बच्चों का रूझान काफी बढ़ा हुआ है। पहले के दिनों में पोषक क्षेत्र के बच्चे या अभिभावकों द्वारा केंद्र आने में अधिक रूचि नहीं दिखाते थे। लेकिन अब सभी तरह की आवश्यकता अनुसार सुख सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई है। जिस कारण सुविधाओं गुणात्मक सुधार हुआ है। केंद्र पर आने वाले बच्चे खेल-खेल में ही अपना पाठ याद करते हैं। वहीं केंद्र में लाइट, पंखा, शुद्ध पेयजल, हैंडवाश स्टेशन, रसोईघर, दीवाल पेंटिंग, हिंदी वर्णमाला, शौचालय, मनोरंजन के साधन के लिए एलईडी, झूला, डस्टबिन सहित कई अन्य सुविधाएं मुहैया कराई गई है।

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