पटना, अजित। बिहार सरकार की भ्रष्टाचार उन्मूलन नीति को बड़ी सफलता मिली है. निगरानी विभाग द्वारा दर्ज मामले में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, प्रमंडल–II, पटना के कार्यपालक अभियंता-cum-वरीय परियोजना पदाधिकारी बिनय कुमार सिंह को निगरानी की विशेष अदालत ने दोषी करार देते हुए एक वर्ष की सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश (निगरानी) मो. रुस्तम ने विशेष मामला संख्या 80/2007 (निगरानी थाना कांड संख्या 119/2007) में फैसला सुनाते हुए आरोपी को पी.सी. एक्ट की धारा 7 तथा धारा 13(2) सहपठित 13(1)(डी) के तहत एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास और 40,000 रुपये जुर्माना देने का आदेश दिया. जुर्माना नहीं देने पर एक माह का साधारण कारावास भी भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 सरकारी गवाहों का बयान दर्ज कराया गया. इस ट्रैप केस की प्रभावी पैरवी विशेष लोक अभियोजक (विजिलेंस) विजय भानु उर्फ पुटटू बाबू ने की।
मामला 24.10.2007 का है, जब निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने अभियुक्त बिनय कुमार सिंह को यारपुर स्थित बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, डिवीजन–II कार्यालय से रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. वह शिकायतकर्ता हरेंद्र सिंह—जो कॉन्ट्रैक्टर सुधीर कुमार सिंह के साझेदार हैं—से बिल भुगतान के एवज में 20,000 रुपये की रिश्वत ले रहा था।
