उत्तरप्रदेश

पत्रकार की मौत पर सीबीआई जांच की मांग को लेकर पत्रकारों ने किया प्रदर्शन

कौशाम्भी(अनिल कुमार): उत्तर प्रदेश जनपद प्रयागराज थाना सिविल लाइन क्षेत्र अंतर्गत ऐतिहासिक सुभाष चौराहे पर जनपद के पत्रकारों ने टीवी पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की मौत पर सीबीआई जांच की मांग को लेकर पत्रकारों ने किया प्रदर्शन 70 से ज्यादा रहे पत्रकार मौजूद इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट व पोर्टल मीडिया से जुड़े हुए सभी पत्रकार उपस्थित रहे. लोगों ने शांतिप्रिय तरीके से प्रदर्शन किया सभी पत्रकार साथियों हाथों में पंपलेट लिए शांतिप्रिय तरीके से किया प्रदर्शन उन पंपलेट ऊपर पत्रकार एकता जिंदाबाद, पत्रकार की मौत पर सीबीआई जांच हो, पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव को न्याय मिले जैसे लिखा स्लोगन देखा गया.

पत्रकारो ने यूपी सरकार से मांग की मृतक पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव के परिजनो को एक करोड की मदद दी जाये. प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की जाए।पत्रकार सुलभ के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाये।और इसी ऐतिहासिक सुभाष चौराहे पर शाम 7:00 बजे जनपद के पत्रकारों ने हाथों में कैंडल जलाकर पैदल मार्च किया पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित। इस दौरान इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन प्रयागराज जिला अध्यक्ष राधे कृष्ण तिवारी के आवाहन पर प्रयागराज इकाई से जुड़े पत्रकार साथी भी पहुंचे अपना समर्थन देने के लिए.

लोकतंत्र की सफलता या विफलता उसकी पत्रकारिता पर निर्भर करती है।उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ ज़िले में पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की 13 जून रविवार रात एक ईंट भट्ठे के किनारे संदिग्ध हालात में मौत हो गई. पुलिस इस मौत को दुर्घटना बता रही थी जबकि परिजनों को आशंका है कि उनकी हत्या हुई है. इस मामले को लेकर राजनीति भी गरमा गई।प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने मीडिया को बताया कि प्रथमदृष्ट्या यह दुर्घटना ही लग रही है, लेकिन हम इसकी जाँच करा रहे हैं. एसपी आकाश तोमर का कहना था, “घटना के वक़्त कुछ प्रत्यक्षदर्शी भी मौजूद थे. उनका कहना है कि यह दुर्घटना ही है और जानकारी पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएगी.

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हालांकि अब पुलिस ने उनकी पत्नी की तहरीर पर अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ हत्या की धाराओं में एफ़आईआर दर्ज की है. घटना से एक दिन पहले ही यानी 12 जून को सुलभ श्रीवास्तव ने इलाहाबाद ज़ोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर अपनी हत्या की आशंका जताई थी. पत्र में उन्होंने लिखा था कि शराब माफ़िया से उनकी जान को ख़तरा है क्योंकि उन्होंने एक ख़बर लिखी थी जिसे लेकर उन्हें धमकियाँ मिल रही थीं और दो दिन से उनका पीछा किया जा रहा था।और उन्हें क्या पता था कि हम इधर पत्र लिख कर भेज रहे हैं और अगले ही दिन उनकी मृत्यु हो जाती है।स्थानीय पत्रकार मनोज त्रिपाठी के मुताबिक़, “असलहा फ़ैक्टरी पर कार्रवाई की ख़बर कवर करके रात नौ बजे के क़रीब सुलभ श्रीवास्तव लालगंज से मुख्यालय की ओर आ रहे थे. रास्ते में यह हादसा हुआ. पीछे से आ रहे साथी पत्रकारों ने उन्हें ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया जहाँ कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

इस पूरे प्रकरण पर पुलिस लीपापोती कर रही थी जब टीवी पत्रकार मृत्यु की खबर पहेली और पूरे प्रकार पर स्थानीय रिपोर्टर के अनुसार जब जानकारी मिली तो लोगों ने अंदाजा लगाया या हत्या कराई गई। जब पुलिस सवालों के घेरे में आई तो पुलिस महानिदेशक एडीजी प्रेम प्रकाश ने सुलभ के पत्र पर सफ़ाई देते हुए कहा,13 जून दोपहर को ही लेटर मिला था जिसे तुरंत प्रतापगढ़ के एसपी को फॉरवर्ड कर दिया गया था. एसपी ने तुरंत सुलभ से बात भी कर ली थी. प्रभारी एसपी ने उनसे बात कर हर तरह की मदद का भरोसा दिलाया था।प्रदर्शन में शामिल रहे इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन प्रयागराज इकाई की तरफ से
राष्ट्रीय काउंसिल सदस्य सलमान अहमद, मंडल अध्यक्ष प्रयागराज मोo रिजवान, जिला अध्यक्ष राधे कृष्ण तिवारी, जिला उपाध्यक्ष डॉ मिथिलेश कुमार पाठक, कोषाध्यक्ष सुबीर दत्ता, पूर्व जिला सचिव संगीता शर्मा, सदस्य अमर निषाद, अमरीश अग्रवाल, अशफी खान, आशुतोष व अन्य पत्रकार साथी गण उपस्थित रहे।

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