दीपावली त्यौहार में दूसरे के घरो को दीपो से उजाला करने वाले कुम्हार के घर में ही अँधेरा छा रहा है ! बढ़ते महंगाई ने मिट्टी के दिये बनाने वाले कुम्हार को सोचने पर मजबूर कर दिया है ! पटना सिटी के बेगमपुर इलाके में दीपावली त्योहार में विकलांग कुम्हार का पूरा परिवार मिल कर मिट्टी के दिये और खिलौना बना कर इस रोजगार से रुपये कमाने की सोच रहे है। इसके लिए सामान्य मिट्टी के दिये के साथ- साथ “आकर्षक दिया ” बना रहे है ताकि इनका परंपरागत रोजगार चलता रहे है पर इस बार भी महँगाई और सरसो तेल,घी के दाम बढ़ने के साथ- साथ बाजार में चायनीज बल्ब उपलब्ध होने के कारण मिट्टी के दिये कि बिक्री कम हो गई है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने चायनीज समान छोड़ कर स्वदेशी समान का उपयोग करने की अपील की है।

ऐसे में चायनीज समान का वहिष्कार करने वाले समाज के कुछ लोग स्वदेशी समान को बढ़ावा देने के लिए कुम्हार के यहां से आकर्षक दिये खरीद कर इलाके के हर घर मे उपहार के रूप में दिये देकर स्वदेशी समान अपनाने की अपील कर रहे है। वही कुम्हार के परिवार वाली का कहना है की इस महँगाई ने उनके आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है।इस रोजगार को छोड़ कर दूसरा रोजगार करना चाहते है पर दूसरा रोजगार न मिलने के कारण मजबुरन परम्परागत कारोबार से ही उन्हें जुड़े रहना पड़ रहा है ! सालो भर त्योहार का इन्तजार के बाद कड़ी धुप में काम कर दीया बनाते है पर उन्हें मेहनत के अनुपात में उचित रूपये नहीं मिल पा रहा है !
आज के दौर में लोग पुरानी परम्परा और मान्यताओं को निभाने के लिए को निभाने के लिए सीमित दिये खरीद कर अपना काम चलाते है और बिना घी और तेल से जलने बाले कम कीमत के चाइनीज बल्ब के दीप से अपने घरो को रौशन करते है ! कुम्हार सरकार से संरक्षण देने की उमीद लगाए बैठे है ताकि उनकी स्थिति में सुधार हो ! वही समाज के लोग भी कुम्हारों की दैनिये स्थिति को देख कर उनके यहाँ से आकर्षक दिए खरीद कर इलाके के लोगो को उपहार में दिये देकर स्वदेशी अपनाने की अपील कर रहे है ।
