बिहार

5 बर्षों में ही इंडो नेपाल बॉर्डर रोड जर्जर

अररिया, रंजीत ठाकुर  भारत नेपाल सीमा से सटे नरपतगंज प्रखंड के रिफ्यूजी टोला बेला से जोगबनी के मीरगंज तक जाने वाली करोड़ों की लागत से बने 45 किलोमीटर की इंडो नेपाल बॉर्डर रोड 5 वर्षों में ही जर्जर हो गया है। सड़क में कई किलोमीटर तक बड़े-बड़े गड्ढे व गिट्टी उड़ने लगें है जिससे आए दिन दो चक्का व चार चक्का वाहन चालकों को अनहोनी से गुजरना पड़ता है। सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह रोड अति महत्वपूर्ण माना जाता है। निर्माण कार्य ए एस आईं पी कंपनी के द्वारा वर्ष 2012 में प्रारंभ किया गया था जो 2024 में पूर्ण हुआ है। कार्य प्रारंभ और पूर्ण कागजों पर तो हो गई परंतु धरातल पर पूर्ण होते ही रोड जर्जर हो गया है।

जबकि यह रोड सुपौल के बीरपुर सीमा से लेकर अररिया के मीरगंज से कुर्साकांटा तक इस रोड से प्रत्येक दिन हजारों वाहन का परिचालन होता है। जिसमें एसएसबी 56 वीं वाहिनी के कैंम्प बेला ,तीनखंम्भा , बसमतिया , डुबरबन्ना , पूर्वी टोला , घूरना , पथराहा , फुलकाहा ,पथरदेवा , टिककुलिया, जोगबनी ,भेड़यारी , आमगाच्छी , जगह के जवान सीमा की सुरक्षा के लिए इसी इंडो नेपाल बॉर्डर रोड से आते और जाते हैं। यहां तक की बड़े-बड़े पदाधिकारी सीमा का निरीक्षण करने इसी रास्ते से चलते हैं। इसके बावजूद भी पथ निर्माण विभाग के द्वारा सड़क का मेंटेनेंस नहीं करना कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार को दर्शाता है। बता दें कि बेला रिफ्यूजी टोला से जोगबनी के मीरगंज तक रोड काफी जर्जर हो चुका है, गिट्टी उड़ने लगा है

सैकड़ो जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, बने पुल का छड़ बाहर निकलने लगा है, ऐसी स्थिति में पथ निर्माण विभाग का ध्यान रोड के ऊपर नहीं जाना ऐसा लगता है कि संवेदक से विभागीय पदाधिकारी का मिलीभगत है। भारत और राज्य सरकार जहां सीमा की सुरक्षा को लेकर सीमा रोड चुस्त और दुरुस्त रखना चाहती है। वहीं कुछ भ्रष्ट पदाधिकारी व कर्मी के चलते जर्जर बनता जा रहा है। जिसका जीता जागता उदाहरण बेला रिफ्यूजी टोला से लेकर जोगबनी के मीरगंज तक का है। इस बाबत सीमा क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीणों में चंदन झा , जवाहर पाठक, संजीत पाठक, अरविंद पाठक, अर्जुन पाठक, धनश्याम पाठक, अनिल पाठक, चंचल झा, सुरेश झा, मनोज पाठक, प्रकाश झा,गुलाब झा,पप्पू पाठक, सूरज कुमार साह ने कहा कि रोड का निर्माण हुआ लगभग 5 बर्ष हुआ है, और जर्जर हो गया है। कभी भी इस पर कोई मेंटेनेंस अब तक नहीं हुआ है।

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क्या कहते हैं- कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग अररिया, अरविंद कुमार:-

इस बाबत कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि 45 किलोमीटर की इंडो नेपाल बॉर्डर रोड जर्जर है। इस संबंध में वरीय अधिकारी को कई बार बर्ष 2023 में प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति नहीं मिलने के कारण मरम्मती कार्य में विलंब हुआ है। आदर्श आचार संहिता को लेकर स्वीकृति मिलने में विलंब हुआ है, मिलते ही कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।

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