बिहार

शिक्षा द्वारा भारत विश्व ज्ञान का महाशक्ति के रूप में उभरेगा

[Edited By: Robin Raj]

पटनासिटी(आदर्श, न्यूज़ क्राइम 24): पटना स्थित केशव सरस्वती विद्या मंदिर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली के तत्वावधान में शिशु शिक्षा प्रबंध समिति, बिहार द्वारा त्रिदिवसीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रांतीय शिक्षक प्रशिक्षक कार्यशाला का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया जिसका उद्घाटन 23 अगस्त को बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने किया था. समापन समारोह का आरंभ विद्या भारती उत्तर पूर्व क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री ख्याली राम , विद्या भारती के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री श्री रमेन्द्र राय , विद्या भारती के सह सचिव श्री नकुल कुमार शर्मा , शिशु शिक्षा प्रबंध समिति , बिहार के मंत्री श्री भरत पूर्वे व प्रदेश सचिव श्री प्रकाश चन्द्र जायसवाल , सह सचिव श्री प्रदीप कुमार कुशवाहा एवं केशव सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य श्री मनोज कुमार मिश्र ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया.

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर पूर्व क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक श्री रामनवमी प्रसाद , क्षेत्र कार्यवाह डॉ . मोहन सिंह , श्री अनिल शर्मा , श्री रमेश चन्द्र , विभाग प्रचारक श्री आशीष कुमार व श्री नीरज कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही । केशव सरस्वती विद्या मंदिर के भैया – बहनों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया । विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मनोज कुमार मिश्र ने अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन किया तथा उपस्थित लोगों से उनका परिचय कराया तदुपरान्त अतिथियों को उपहार देकर सम्मानित किया गया.

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इस अवसर पर पूरनमल बाजोरिया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ . अजित पांडेय ने शिशु शिक्षा प्रबंध समिति के प्रदेश मंत्री श्री भरत पूर्वे को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षक शिक्षा का पाठ्यक्रम सौंपा । विभाग निरीक्षक श्री उमाशंकर पोद्दार ने कार्यशाला के तीनों दिनों का वृत प्रस्तुत करते हए बताया कि कुल 12 सत्रों में 15 Resource Persons ने विभिन्न विषयों का प्रतिपादन किया । समापन समारोह के अध्यक्षीय उद्बोधन में विद्या भारती के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री श्री रमेन्द्र राय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को युगानुकुल एवं विश्व स्तरीय बनाकर शिक्षा द्वारा भारत को विश्व ज्ञान का महाशक्ति बनाने हेतु संकल्पित होने की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य “ जड़ से जग तक ” तथा ” मनुष्य से मानवता तक की यात्रा होनी चाहिए.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तर पूर्व क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक श्री रामनवमी प्रसाद ने अपने उद्बोधन में कहा कि मनुष्य को वैचारिक रूप से पवित्र होना चाहिए । मन , बुद्धि , चित्त और आत्मा पर संतुलन ही मनुष्य को देवत्व तक ले जाता है । राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 इसी का पोषक है । मानव को भरण – पोषण तक ही अर्थ का उपार्जन करना चाहिए अन्यथा अर्थ , अनर्थ के रूप में परिवर्तन हो जाता है । ज्ञातव्य है कि इस कार्यशाला से प्रशिक्षण लेकर लगभग 100 से अधिक आचार्य एवं प्रधानाचार्य मास्टर ट्रेनर की भूमिका में संकुल एवं विद्यालय स्तर पर आचार्यों को प्रशिक्षित कर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सफल क्रियान्वयन को मूर्त रूप देंगे । इस अवसर पर उत्तर – पूर्व क्षेत्र के सह सचिव श्री नकुल कुमार शर्मा , विद्या भारती के राष्ट्रीय संस्कृत प्रमुख डॉ . धीरेंद्र झा , विभाग निरीक्षक श्री ब्रह्मदेव प्रसाद , श्री राजेश रंजन , श्री सतीश कुमार सिंह , श्री विनोद कुमार , श्री वीरेंद्र सिंह , श्री मुकुल शर्मा आदि उपस्थित थे । मंच संचालन श्री ब्रह्मदेव प्रसाद ने किया तथा प्रदेश मंत्री श्री भरत पूर्वे ने धन्यवाद ज्ञापन किया । इस आशय की जानकारी प्रांत प्रचार संयोजक श्री राकेश नारायण अंबष्ट ने दी।

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