उत्तरप्रदेश

रेगुलेटर का फाटक बंद नहीं होने से घाघरा नदी के पानी में डूबी किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल, फसल बर्बाद

बलिया,  संजय कुमार तिवारी : यूपी घाघरा नदी के घटाव के बाद किसानों ने बांसडीह एसडीएम को शिकायत किया था कि रेगुलेटर का फाटक अगर उठ जाता तो किसानों की फसल बर्बाद नही होगी।जिसको लेकर एसडीएम के निर्देश पर पर्वतपुर रेगुलेटर उठाया गया लेकिन अचानक घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ जाने से किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई। लेकिन अब वह फाटक बंद नही हो रहा है रेगुलेटर का फाटक बंद नही होने से किसानों सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई। रेगुलेटर का फाटक के लिए बाढ़ विभाग ने लाख कोशिश की लेकिन बंद नही हो रहा है बाढ़ विभाग के अधिकारी तीन दिनों से यहां पर डेरा डाले हुए है लेकिन रेगुलेटर का फाटक बंद होने का नाम नही ले रहा है भले ही बाढ़ विभाग लाखों रुपए पानी की तरह बहा दें।

वही ग्रामीण प्रेम चन्द्र यादव ने आरोप लगाया कि फाटक बंद नही होने से हम लोगों के गांव में पानी भर जा रहा है अगर फाटक बंद नही हुआ तो हम लोगों की फसल बर्बाद होने लगेगी। अचानक घाघरा नदी का पानी बढ़ने लगा और फाटक खुलने के कारण हम लोगों के गांवो में पानी भर रहा है।वही रोशन कश्यप ने बताया कि यहां पर चार दिनों से फाटक को बाद करने की कोशिश की जा रही है लेकिन फाटक बंद होने का सवाल नहीं हो रहा है नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है और दर्जनों गांव लगभग बाढ़ के पानी से प्रभावित हो जायेंगे। भोजपुरवा की तरफ की फसल बर्बाद हो गई है लेकिन यह फाटक बंद नही हुआ तो बांसडीह की तरफ जितने गांव है वहां की फसल बर्बाद हो जायेगी अगर अधिकारी समय रहते फाटक को बंद कर दिए होते तो आज बात नही होती। हालांकि सिंचाई विभाग के गोरखपुर से आए अधिकारी से जब बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि मैं बाइट देने के लिए अथराइज नही हूं।

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