पटना(न्यूज़ क्राइम 24): बिहार में शराबबंदी के बीच बड़ा फैसला लिया गया है. अब शराब पीने वाले को पकड़े जाने पर जेल नहीं भेजा जाएगा. इसके बदले उसे सिर्फ शराब माफियाओं की जानकारी देनी होगी. मिली जानकारी पर अगर शराब माफिया की गिरफ्तारी हो जाती है तो शराब पीने वाले को जेल नहीं जाना होगा. यह जानकारी उत्पाद आयुक्त कार्तिकेय धनजी ने दी है।
उन्होंने कहा कि शराब विक्रेताओं की निशानदेही करने वाले व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी मद्य निषेध विभाग की होगी। उन्होंने बताया कि अभी तक करीब साढ़े तीन से चार लाख व्यक्तियों को शराब पीने के आरोप में जेल भेजा गया है। शराबी को यह भी बताना होगा कि उसने शराब कहां और किससे खरीदी है।
सोमवार को हुई बैठक में राज्य की जेलों में बढ़ रहे शराबियों की संख्या को देखकर यह फैसला लिया गया है। इसमें बिहार पुलिस और पुलिस और मद्य निषेध विभाग को विशेष अधिकार दिया गया है। उत्पाद विभाग के ज्वाइंट सेक्रेट्री कृष्ण कुमार ने कहा कि जो लोगों को शराब उपलब्ध करा रहे हैं, हमारा फोकस उन पर है। ऐसा करने से शराब माफियाओं की कमर टूट जाएगी, जिसका सीधा फायदा सरकार को मिलेगा।
