फुलवारीशरीफ, अजित। जिस क्षत्रिय उच्च माध्यमिक विद्यालय, फतेहपुर, पटना से पढ़ाई कर देशसेवा का सपना देखने वाले विकास चंद्र आगे चलकर सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट बने और शहादत हासिल की, उसी विद्यालय के प्रांगण में शुक्रवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई.कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद को श्रद्धांजलि दी और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण भावुक और गर्व से भरा रहा.
विद्यालय के पूर्व छात्र एवं सीआरपीएफ 43 बटालियन के शहीद असिस्टेंट कमांडेंट विकास चंद्र के शहादत दिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां शिक्षकों, छात्रों, सीआरपीएफ अधिकारियों और परिजनों ने उन्हें नमन किया.कार्यक्रम के दौरान सीआरपीएफ अधिकारियों द्वारा शहीद विकास चंद्र की माताजी को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया. मौके पर शहीद के चाचा चंद्रमौली, भाई शशि, अविनाश चंद्र, भतीजे सहित परिवार के अन्य सदस्य सुमित, सुमन, सुजीत, अमित कुमार और अभिषेक कुमार उपस्थित रहे।
शहीद विकास चंद्र ने 16 जनवरी 2006 को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था. लोगों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 16 जनवरी को सीआरपीएफ 43 बटालियन के अधिकारी और जवान इसी विद्यालय पहुंचकर अपने साथी और विद्यालय के पूर्व छात्र रहे शहीद विकास चंद्र को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. इस वर्ष भी उनके अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति को पूरे सम्मान के साथ याद किया गया।
कार्यक्रम की देखरेख एनसीसी कैडेट एसोसिएट ऑफिसर धर्मेंद्र कुमार ने की. विद्यालय परिसर में शहीद विकास चंद्र के तेल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और उनके शौर्य व बलिदान को नमन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मोकामा घाट स्थित सीआरपीएफ कैंट से उप निरीक्षक उपेंद्र कुमार सिंह उपस्थित रहे. उन्होंने शहीद के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की और शहीद के परिवारजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी. इस अवसर पर जिले की पुलिस के पांच जवान भी पहुंचे और शहीद के परिजनों के साथ मिलकर उनकी वीरगाथा को साझा किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय के छात्रों को यह बताना रहा कि इसी परिसर से निकलकर एक छात्र ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया. विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में देशभक्ति, कर्तव्य और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं और उन्हें सही दिशा दिखाते हैं। इस मौके पर उप निरीक्षक उपेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि शहीद विकास चंद्र जैसे वीरों की स्मृति हमें उनके बलिदान का महत्व समझाती है और यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि उनकी वीरता और संघर्ष की कहानी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचे।
