आजादी के 70 साल बाद भी नदी किनारे बसा कोल्हड़िया गांव में नही बहा विकास की नदी

 आजादी के 70 साल बाद भी नदी किनारे बसा कोल्हड़िया गांव में नही बहा विकास की नदी
Advertisement
Ad 3
Advertisement
Ad 4
Digiqole Ad

बलिया(संजय कुमार तिवारी): जिला कलेक्ट्रेट में एक ऐसा, हैरान कर देने वाला मामला सामने आया जिसे सुनकर आप दांतो तले अपनी उंगलियां दबाने लगेंगे। आजादी के 70 साल बाद भी गंगा के उस पार एक ऐसा गांव है जहां आज तक बिजली नही पहुंच पाई न शिक्षा चिकित्सा की कोई व्यवस्था गांव को मिला है। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता इस गांव के विकास को उजागर करती है। जिला अधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे भाजपा नेता और समाजसेवी रामू महाजन इस गांव की पीड़ा को कागजों पर समेटे जिला अधिकारी को सौंप कर, इस गांव में बिजली, पानी, शिक्षा और चिकित्सा पहुंचाने की गुहार लगाई है। रामू महाजन के द्वारा बताया गया इस गांव में एक समय ऐसा भी था जब हजारों की संख्या में आबादी रहा करती थी लेकिन नदी किनारे बसे इस गांव में आज तक विकास की नदी नहीं बहाई गयी नतीजा आज गांव में महज कुछ संख्या में ही आबादी रह गई है रामू महाजन की माने तो इस गांव में लगभग 500 से 600 लोगों की आबादी है गांव के लोग खेती-किसानी करके अपना जीवन यापन करते हैं.

Advertisement
GOLU BHAI
Advertisement
MS BAG

बताया आजादी के 70 साल बाद भी इस गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंची न ही सड़क है। आपको बता दें यह गांव बलिया मुख्यालय से लगभग 30 से 35 किलोमीटर दूर गंगा किनारे बसा है जो नरही थाना अंतर्गत सोहांव ब्लाक के कुल्हड़िया गांव के नाम से जाना जाता है। कुल्हड़िया ग्रामसभा के लोगों को आये दिन काफी कठिनाईयों और जंगली जानवरों से मौत का समाना करना पड़ता है और वहां के छात्र/छात्राओं को पढ़ाई में काफी दिक्कते है। एक आदिवासियों की तरह जीवन जीने को मजबूर है।

Advertisement
Ad 2
Digiqole Ad

News Crime 24 Desk

Related post

error: Content is protected !!