फुलवारीशरीफ, अजीत। पिछले कई वर्षों से अजीमाबाद में साहित्य, कविता और भाषण की महफिलें आयोजित कर देश-विदेश में ख्याति प्राप्त कर चुका पटना लिटरेरी फेस्टिवल (पीएलएफ) ने रविवार को एलीट नशिस्त-2 का आयोजन किया. यह कार्यक्रम मुनव्वर राना फाउंडेशन, लखनऊ के सहयोग से पाटलिपुत्र कॉन्टिनेंटल होटल, अनीसाबाद में शाम 7 बजे संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम में पांच प्रमुख कवियों—अबरार काशिफ, महशर अफरीदी, मुमताज नसीम, तबरेज राना और तिश्या श्री—ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मनोरंजन किया. संचालन अबरार काशिफ ने किया, जबकि लगभग 200 लोगों ने इस नशिस्त का आनंद लिया. मुख्य अतिथि प्रो. फैजान मुस्तफा, कुलपति, चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय रहे, और विशिष्ट अतिथि के रूप में आरईपीएल अस्पताल के प्रबंध निदेशक अशफाक रहमान, शीतल बिल्ड टेक के निदेशक यासिर इमाम और राजद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आयशा फातिमा उपस्थित रही. प्रसिद्ध पत्रकार आरिफा खानम और कांग्रेस नेता फौजिया राणा भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
पीएलएफ ने पिछले वर्षों में शबीना अदीब, शकील आजमी, आलम खुर्शीद, ए.एम. तुराज, मनोज मुंतशिर, अज्म शाकिरी, सपना मूलचंदानी, नगमा सहर, फरहत एहसास, आलोक श्रीवास्तव, माजिद देवबंदी, श्वेता सिंह उमा और अन्य प्रसिद्ध कवियों के साथ कई बड़े साहित्यिक समारोह आयोजित किए हैं. इसके अतिरिक्त, धरोहर बैनर तले कव्वाली कार्यक्रम और पंडित तरुण भट्टाचार्य एवं पंडित रोनू मजूमदार की शास्त्रीय संगीत जुगलबंदी का आयोजन भी हुआ, जिसमें राज्यपाल ने भाग लिया. कैलोप्सिया मंच के तहत ईरान और क्रोएशिया के कलाकारों ने नृत्य और संगीत प्रस्तुत किया।
पीएलएफ के संस्थापक और सचिव खुर्शीद अहमद, अंग्रेजी पत्रकार फैजान अहमद, सदस्य आनंद कुमार, डॉ. परिन्दु सुमन और डॉ. सत्यजीत सिंह के मार्गदर्शन में यह संस्था साहित्य जगत में विशिष्ट पहचान बना चुकी है. एलीट नशिस्त-2 में वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम मुख्य अतिथि रहे और कार्यक्रम में प्रो. अबु रिजवी, रजिस्टार, पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी; नीरज अग्रवाल, निदेशक, सिमेज; आशिब रहमान; अहमर रहमान; रजी अनवर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
खुर्शीद अहमद ने बताया कि पीएलएफ का अगला कार्यक्रम 13 सितंबर को चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में पटना डिबेट सर्किल के नाम से आयोजित होगा, जिसमें आठ कॉलेजों के छात्र भाग लेंगे. विषय होगा युवा को नौकरी की परेशानी, अवसर और स्किल की कमी. इसके अलावा 25 जनवरी को एक और कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें हास्य कवि जैसे पॉपुलर मेरठी, सज्जाद झुंझट, सर्वेश अस्थाना, जहाज देवबंदी और सुरेश अवस्थी बच्चों को पढ़ाई के दबाव से बाहर निकलने और हास्य के माध्यम से आनंद लेने के उपाय बताएंगे।
