अररिया, रंजीत ठाकुर। जिले में नियमित टीकाकरण के आच्छादन में गुणात्मक सुधार के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष पहल की जा रही है. इसके तहत कम आच्छादन वाले चिह्नित इलाकों में नुक्कड़-नाटक के माध्यम से लोगों को टीकाकरण के लिये प्रेरित किया जायेगा. इसके लिये नुक्कड़ नाटक की विशेष टीम राज्यस्तर से भेजी गयी है. जो आगामी 57 दिनों तक कम आच्छादन वाले चिह्नित 110 स्थानों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को टीकाकरण के लिये प्रेरित करेगी.
स्वास्थ्य विभाग व यूनिसेफ की इस विशेष पहल को सफल बनाने के लिये जिले में विशेष तैयारियां की गयी हैं. नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम के दौरान उक्त स्थान पर मेडिकल कैंप आयोजित होगा. ताकि समुदाय के लोगों को अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा सके. इसके लिये आरबीएसके टीम को प्रतिनियुक्त किया गया है. इसका पूर्वाभ्यास मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित रहिका मुसहरी में किया गया. मौके पर सिविल सर्जन, डॉ विधानचंद्र सिंह, डीआईओ डॉ मोईज, एसएमसी यूनिसेफ आदित्य कुमार सिंह, वीसीसीएम यूएनडीपी सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे.
टीकाकरण के महत्व से अभी ही अनजान हैं कुछ लोग-
सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि टीकाकरण को लेकर अभी भी कुछ लोगों के मन में कुछ भ्रांतियां व्याप्त हैं. जानकारी की कमी व जागरूकता का अभाव इसका मुख्य कारण है. टीकाकरण को लेकर लोगों के मन में व्याप्त संदेह को दूर करने व इसके महत्व के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विभाग द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विशेष पहल की जा रही है. ताकि टीकाकरण के आच्छादन में सुधार करते हुए समुदायिक स्वास्थ्य को अधिक प्रभावी व बेहतर बनाया जा सके.
कम आच्छादन व रिफ्यूजल वाले इलाके में संचालित होगा अभियान –
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज ने बताया कि जिले में नियमित टीकाकरण का आच्छादन 95 फीसदी करने का लक्ष्य निर्धारित है. टीकाकरण के आच्छादन में सुधार के लिये नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जिले में विशेष पहल की जा रही है. उन्होंने बताया कि इसके तहत कम आच्छादन व रिफ्यूजल वाले इलाकों में जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से राज्यस्तर से नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. यूनिसेफ के एसएमसी आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 के अंत तक देश में मिजिल्स-रूबेला उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित है. नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम के जरिये एमआर टीकाकरण को बढ़ावा देने व रोग उन्मूलन के प्रयासों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. ताकि इसे लेकर जन जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सके.
