पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) जिलाधिकारी, पटना द्वारा आज जिले में चल रहे विभिन्न विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं में प्रगति का स्थल निरीक्षण किया गया तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया। पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से कार्य करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा सबसे पहले लोकनायक जयप्रकाश नारायण समाधि स्थल के निर्माण हेतु दुजरा दियारा मौजा में स्थल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दरम्यान जेपी गंगा पथ एवं देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बिहार गौरव उद्यान (वेस्ट-टू-वंडर थीम पार्क) के बीच समाधि स्थल के निर्माण हेतु 1.75 एकड़ जमीन चिन्हित किया गया। जिलाधिकारी ने अंचल अधिकारी, पटना सदर को अग्रतर कार्रवाई करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण समाधि स्थल का निर्माण नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत क्रियान्वयन एजेंसी बुडको द्वारा किया जा रहा है। पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को इस योजना पर तीव्र गति से कार्य करने का निदेश दिया गया है।

इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के समाधि स्थल एवं जेपी गंगा पथ के बीच वेस्ट-टू-वंडर थीम पार्क निर्माण हेतु स्थल निरीक्षण किया गया तथा 10 एकड़ भूमि चिन्हित किया गया। जिलाधिकारी ने अंचल अधिकारी, पटना सदर को अग्रतर कार्रवाई करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि वेस्ट टू वंडर थीम पार्क का निर्माण नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत बुडको द्वारा किया जा रहा है। पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को इस योजना पर तीव्र गति से कार्य करने का निदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बिहार गौरव उद्यान (वेस्ट-टू-वंडर थीम पार्क) का शिलान्यास मुख्यमंत्री के कर-कमलों द्वारा 06 अगस्त, 2025 को किया गया था। इस पार्क के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को काफी फायदा होगा।
थीम पार्क के एक तरफ देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी का समाधि स्थल है वहीं दूसरी ओर विश्वप्रसिद्ध जेपी गंगा पथ है। इस पार्क में बिहार के गौरवपूर्ण इतिहास एवं संस्कृति के विभिन्न अवयवों को प्रदर्शित किया जाएगा। बिहार की महान विभूतियों आर्यभट्ट, चाणक्य, सम्राट अशोक से लेकर लोकनायक जयप्रकाश नारायण एवं दशरथ मांझी तक की प्रेरणादायक गाथाओं को उद्धृत किया जाएगा। इसके साथ ही पार्क में बिहार के स्थापत्य कला जैसे नालन्दा, विक्रमशिला, स्तूपों, मंदिरों एवं मकबरों को भी दर्शाया जाएगा। पर्यटकों के खाने-पीने की व्यवस्था एवं खेल का मैदान भी रहेगा। यह पूरा पार्क वेस्ट-टू-वंडर कीजिलाधिकारी, पटना द्वारा आज जिले में चल रहे विभिन्न विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं में प्रगति का स्थल निरीक्षण किया गया तथा अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया।
पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से कार्य करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा सबसे पहले लोकनायक जयप्रकाश नारायण समाधि स्थल के निर्माण हेतु दुजरा दियारा मौजा में स्थल निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दरम्यान जेपी गंगा पथ एवं देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बिहार गौरव उद्यान (वेस्ट-टू-वंडर थीम पार्क) के बीच समाधि स्थल के निर्माण हेतु 1.75 एकड़ जमीन चिन्हित किया गया। जिलाधिकारी ने अंचल अधिकारी, पटना सदर को अग्रतर कार्रवाई करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण समाधि स्थल का निर्माण नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत क्रियान्वयन एजेंसी बुडको द्वारा किया जा रहा है। पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को इस योजना पर तीव्र गति से कार्य करने का निदेश दिया गया है।
इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के समाधि स्थल एवं जेपी गंगा पथ के बीच वेस्ट-टू-वंडर थीम पार्क निर्माण हेतु स्थल निरीक्षण किया गया तथा 10 एकड़ भूमि चिन्हित किया गया। जिलाधिकारी ने अंचल अधिकारी, पटना सदर को अग्रतर कार्रवाई करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि वेस्ट टू वंडर थीम पार्क का निर्माण नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत बुडको द्वारा किया जा रहा है। पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को इस योजना पर तीव्र गति से कार्य करने का निदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बिहार गौरव उद्यान (वेस्ट-टू-वंडर थीम पार्क) का शिलान्यास मुख्यमंत्री के कर-कमलों द्वारा 06 अगस्त, 2025 को किया गया था। इस पार्क के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को काफी फायदा होगा।
थीम पार्क के एक तरफ देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी का समाधि स्थल है वहीं दूसरी ओर विश्वप्रसिद्ध जेपी गंगा पथ है। इस पार्क में बिहार के गौरवपूर्ण इतिहास एवं संस्कृति के विभिन्न अवयवों को प्रदर्शित किया जाएगा। बिहार की महान विभूतियों आर्यभट्ट, चाणक्य, सम्राट अशोक से लेकर लोकनायक जयप्रकाश नारायण एवं दशरथ मांझी तक की प्रेरणादायक गाथाओं को उद्धृत किया जाएगा। इसके साथ ही पार्क में बिहार के स्थापत्य कला जैसे नालन्दा, विक्रमशिला, स्तूपों, मंदिरों एवं मकबरों को भी दर्शाया जाएगा। पर्यटकों के खाने-पीने की व्यवस्था एवं खेल का मैदान भी रहेगा। यह पूरा पार्क वेस्ट-टू-वंडर की अवधारणा पर आधारित रहेगा जहाँ लोहे के कबाड़ को जीवंत कला में बदला जाएगा। इस प्रक्रिया में आर्किटेक्ट, इंजीनियर, कलाकार एवं कुशल श्रमिकों की अहम भागीदारी होगी। इसके अलावा देश के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की स्मृति में उनके वर्तमान स्मारक स्थल पर एक भव्य स्मृति परिसर का निर्माण किया जाएगा। बाँस घाट स्थित देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के समाधि स्थल के नजदीक ही लोकनायक जयप्रकाश नारायण का समाधि स्थल है। माननीय मुख्यमंत्री जी के निदेश पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण के समाधि स्थल को विकसित करने की कार्रवाई की जा रही है।
वेस्ट-टू-वंडर थीम पार्क के बाद जिलाधिकारी ने दीघा से सभ्यता द्वार तक समग्र उद्यान के विकास कार्यों का निरीक्षण किया तथा ड्रेनेज चैनल एवं अन्य संबंधित समस्याओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि बीएसआरडीसी द्वारा इस योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि यह क्षेत्र जनहित के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। जेपी गंगा पथ लोकहित की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। इससे लोगों को काफी सुविधा प्राप्त हो रही है। राज्य सरकार द्वारा यहाँ अनेक विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी कार्य किया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा पटना जिला में 21 फरवरी को प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं के आलोक में विभिन्न योजनाओं का कार्य चल रहा है।
25 अगस्त को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा 387.40 करोड़ रुपये की लागत से गंगा नदी के किनारे दीघा से गाँधी मैदान के बीच जेपी गंगा पथ के दोनों तरफ लगभग 7 कि.मी. की लंबाई में ‘जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना (फेज-1)’ के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया था। साथ ही माननीय मुख्यमंत्री ने 12.38 करोड़ रुपये की लागत की सभ्यता द्वार से कलेक्टोरेट घाट तक विचरण पथ (PROMENADE) के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया। ‘जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना (फेज-1)’ के पूर्ण होने पर खुला हरित क्षेत्र का विकास होगा।
साथ ही लोगों को अन्य मूलभूत सुविधाएँ मिल सकेंगी जिससे वो यहाँ के मनोरम दृश्य का लाभ उठा सकेंगे। सभ्यता द्वार से कलेक्टोरेट घाट (गंगा रिसर्च सेंटर) तक 450 मीटर लंबाई एवं 4.50 मीटर चौड़ाई के विचरण पथ (PROMENADE) के निर्माण से आम नागरिकों को मॉर्निंग वॉक एवं अन्य क्रिया-कलापों में सुविधा होगी। साथ ही गंगा घाट पर आने वाले पर्यटकों को गंगा रिसर्च सेंटर एवं म्यूजियम भ्रमण करने में आसानी होगी तथा छठ महापर्व के दौरान छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं को गंगा घाट तक पहुँचने का रास्ता सुलभ होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि आज उन्होंने स्थल भ्रमण के दरम्यान इन सभी योजनाओं का निरीक्षण किया तथा पदाधिकारियों को आवश्यक निदेश दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं पर क्रियान्वयन एजेंसियों द्वारा आवश्यक कार्य तेजी से किया जा रहा है।
इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा गाँधी मैदान के नजदीक पटना हाट निर्माण कार्य हेतु प्रगति का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस उपाधीक्षक, यातायात के कार्यालय को अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए पदाधिकारियों को निदेशित किया गया हैै। जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के कर-कमलों से दिनांक 25 अगस्त, 2025 को पटना हाट के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया था। पदाधिकारियों को तेजी से कार्य करने का निदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार पटना के विकास हेतु तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। सैकड़ों की संख्या में यहाँ विकासात्मक योजनाएँ चल रही है। जन-सुविधा हेतु काफी बड़ी संख्या में सड़कों, पुलों, फ्लाईओवर इत्यादि का निर्माण किया गया है। यह उत्तरोत्तर जारी है। इससे लोगों का जीवन-यापन काफी आसान हो गया है। ट्रैफिक की समस्या के समाधान के लिए दीर्घकालीन एवं अल्पकालीन योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा 21 फरवरी को प्रगति यात्रा के दौरान पटना जिला में 10,871 (दस हजार आठ सौ एकहत्तर) करोड़ रुपया से अधिक की विकास योजनाओं से संबंधित 32 घोषणाएँ की गई थी जिसका राज्य सरकार द्वारा शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर दी गई थी। इन योजनाओं का क्रियान्वयन संबंधित एजेंसियों द्वारा तेजी से किया जा रहा है। उप विकास आयुक्त द्वारा इसका नियमित पर्यवेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों को समयबद्ध ढंग से काम करने का निदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि वे इसकी नियमित समीक्षा कर रहे हैं तथा क्षेत्र भ्रमण के समय निरीक्षण भी करते हैं। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के आलोक में जिला में योजनाओं के क्रियान्वयन की सुदृढ़ अनुश्रवण प्रणाली विकसित की गई है।
स्वयं उनके अर्थात् जिलाधिकारी के स्तर से इसका नियमित अनुश्रवण किया जाता है। पदाधिकारियों को अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित कर तेजी से कार्य करने का निदेश दिया गया है। अवधारणा पर आधारित रहेगा जहाँ लोहे के कबाड़ को जीवंत कला में बदला जाएगा। इस प्रक्रिया में आर्किटेक्ट, इंजीनियर, कलाकार एवं कुशल श्रमिकों की अहम भागीदारी होगी। इसके अलावा देश के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की स्मृति में उनके वर्तमान स्मारक स्थल पर एक भव्य स्मृति परिसर का निर्माण किया जाएगा। बाँस घाट स्थित देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के समाधि स्थल के नजदीक ही लोकनायक जयप्रकाश नारायण का समाधि स्थल है। माननीय मुख्यमंत्री जी के निदेश पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण के समाधि स्थल को विकसित करने की कार्रवाई की जा रही है।
वेस्ट-टू-वंडर थीम पार्क के बाद जिलाधिकारी ने दीघा से सभ्यता द्वार तक समग्र उद्यान के विकास कार्यों का निरीक्षण किया तथा ड्रेनेज चैनल एवं अन्य संबंधित समस्याओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि बीएसआरडीसी द्वारा इस योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि यह क्षेत्र जनहित के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। जेपी गंगा पथ लोकहित की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। इससे लोगों को काफी सुविधा प्राप्त हो रही है। राज्य सरकार द्वारा यहाँ अनेक विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा पटना जिला में 21 फरवरी को प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं के आलोक में विभिन्न योजनाओं का कार्य चल रहा है। 25 अगस्त को माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा 387.40 करोड़ रुपये की लागत से गंगा नदी के किनारे दीघा से गाँधी मैदान के बीच जेपी गंगा पथ के दोनों तरफ लगभग 7 कि.मी. की लंबाई में ‘जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना (फेज-1)’ के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया था। साथ ही माननीय मुख्यमंत्री ने 12.38 करोड़ रुपये की लागत की सभ्यता द्वार से कलेक्टोरेट घाट तक विचरण पथ (PROMENADE) के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया।
‘जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना (फेज-1)’ के पूर्ण होने पर खुला हरित क्षेत्र का विकास होगा। साथ ही लोगों को अन्य मूलभूत सुविधाएँ मिल सकेंगी जिससे वो यहाँ के मनोरम दृश्य का लाभ उठा सकेंगे। सभ्यता द्वार से कलेक्टोरेट घाट (गंगा रिसर्च सेंटर) तक 450 मीटर लंबाई एवं 4.50 मीटर चौड़ाई के विचरण पथ (PROMENADE) के निर्माण से आम नागरिकों को मॉर्निंग वॉक एवं अन्य क्रिया-कलापों में सुविधा होगी। साथ ही गंगा घाट पर आने वाले पर्यटकों को गंगा रिसर्च सेंटर एवं म्यूजियम भ्रमण करने में आसानी होगी तथा छठ महापर्व के दौरान छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं को गंगा घाट तक पहुँचने का रास्ता सुलभ होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि आज उन्होंने स्थल भ्रमण के दरम्यान इन सभी योजनाओं का निरीक्षण किया तथा पदाधिकारियों को आवश्यक निदेश दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं पर क्रियान्वयन एजेंसियों द्वारा आवश्यक कार्य तेजी से किया जा रहा है।
इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा गाँधी मैदान के नजदीक पटना हाट निर्माण कार्य हेतु प्रगति का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस उपाधीक्षक, यातायात के कार्यालय को अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए पदाधिकारियों को निदेशित किया गया हैै। जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के कर-कमलों से दिनांक 25 अगस्त, 2025 को पटना हाट के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया था। पदाधिकारियों को तेजी से कार्य करने का निदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार पटना के विकास हेतु तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। सैकड़ों की संख्या में यहाँ विकासात्मक योजनाएँ चल रही है। जन-सुविधा हेतु काफी बड़ी संख्या में सड़कों, पुलों, फ्लाईओवर इत्यादि का निर्माण किया गया है। यह उत्तरोत्तर जारी है। इससे लोगों का जीवन-यापन काफी आसान हो गया है। ट्रैफिक की समस्या के समाधान के लिए दीर्घकालीन एवं अल्पकालीन योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 21 फरवरी को प्रगति यात्रा के दौरान पटना जिला में 10,871 (दस हजार आठ सौ एकहत्तर) करोड़ रुपया से अधिक की विकास योजनाओं से संबंधित 32 घोषणाएँ की गई थी जिसका राज्य सरकार द्वारा शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर दी गई थी। इन योजनाओं का क्रियान्वयन संबंधित एजेंसियों द्वारा तेजी से किया जा रहा है। उप विकास आयुक्त द्वारा इसका नियमित पर्यवेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों को समयबद्ध ढंग से काम करने का निदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि वे इसकी नियमित समीक्षा कर रहे हैं तथा क्षेत्र भ्रमण के समय निरीक्षण भी करते हैं। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा के आलोक में जिला में योजनाओं के क्रियान्वयन की सुदृढ़ अनुश्रवण प्रणाली विकसित की गई है। स्वयं उनके अर्थात् जिलाधिकारी के स्तर से इसका नियमित अनुश्रवण किया जाता है। पदाधिकारियों को अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित कर तेजी से कार्य करने का निदेश दिया गया है।
