फुलवारीशरीफ, अजित। सैकड़ों की संख्या में सुधा डेयरी के ड्राइवर और खलासी मजदूरों ने शनिवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर फुलवारीशरीफ बाजार में जोरदार प्रदर्शन और जुलूस निकाला. यह जुलूस सुधा डेयरी के मुख्य गेट से प्रारंभ होकर कैंसर अस्पताल, प्रखंड कार्यालय, टमटम पड़ाव और निचली बाजार होते हुए पुनः डेयरी गेट पर पहुंचकर सभा के साथ समाप्त हुआ. प्रदर्शन में करीब 150 से अधिक मजदूर शामिल हुए.प्रदर्शनकारियों ने “बांटो और राज करो की नीति मुर्दाबाद”, “फिर्कापरस्ती नहीं चलेगी”, “मजदूरों को गुलाम बनाने वाला 4 लेबर कोड रद्द करो”, “44 श्रम कानून बहाल करो” जैसे जोरदार नारे लगाए।
प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने सरकार और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उन्होंने चालक को कुशल और खलासी को अर्द्धकुशल मजदूरी श्रेणी में रखने, समय पर वेतन भुगतान, श्रम कानूनों के सख्त पालन, अवकाश की सुविधा, ओवरटाइम का भुगतान, ईएसआई-ईपीएफ, ग्रेच्युटी, परिचय पत्र, जीवन बीमा और दूध लीकेज लाभ जैसे मुद्दों पर मांग उठाई।
इस आंदोलन का नेतृत्व ऐक्टू से जुड़े पटना जिला निजी वाहन चालक एवं कर्मचारी यूनियन ने किया. यूनियन के बैनर तले कार्यरत ड्राइवर व खलासी मजदूरों ने सुधा डेयरी और सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगामी आंदोलनों को और तेज किया जाएगा।
सभा को ऐक्टू नेता व यूनियन अध्यक्ष रणविजय कुमार ने संबोधित किया. उन्होंने सुधा डेयरी प्रबंधन और केंद्र व राज्य की डबल इंजन सरकार पर श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम, अवकाश सहित अन्य अधिकारों को लेकर मजदूर संघर्षशील हैं।
रणविजय कुमार ने मजदूरों से आगामी 9 जुलाई को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर होने वाली अखिल भारतीय मजदूर हड़ताल को सफल बनाने की अपील की। प्रदर्शन में महासचिव मनीष उर्फ नीनी, रंजीत कुमार, बबलू कुमार, डब्लू, चंदन, अमर कुमार, विक्की कुमार, रंजीत शर्मा और अविनाश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
