फुलवारीशरीफ, अजित। कैंसर जांच और इलाज के क्षेत्र में एक अहम पहल के तहत महावीर कैंसर संस्थान और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के बीच कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व के अंतर्गत चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया. इस समझौते के तहत इंडियन ऑयल द्वारा महावीर कैंसर संस्थान को अत्याधुनिक सैंगर सिक्वेंसिंग मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। इस मशीन की मदद से डीएनए के टुकड़ों में न्यूक्लियोटाइड के सटीक अनुक्रम का पता लगाया जा सकेगा, जिससे कैंसर की जांच और इलाज में तेजी आएगी. संस्थान में हो रहे कैंसर अनुसंधान और मरीजों के सटीक निदान को नई दिशा मिलेगी और इलाज की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
समझौता समारोह में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से सौरभ चन्द्रा, स्टेट हेड, बिहार राज्य कार्यालय, कमलेश राय, जनरल मैनेजर (एचआर) तथा राजीव गुप्ता, चीफ मैनेजर, कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी उपस्थित रहे. कार्यक्रम की शुरुआत महावीर कैंसर संस्थान के डॉ. विश्वजीत सन्याल के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान की उपलब्धियों और सेवाओं की जानकारी दी. इस अवसर पर संस्थान की निदेशक मेडिकल डॉ. मनीषा सिंह ने सैंगर सिक्वेंसिंग मशीन की उपयोगिता और इसकी अनिवार्यता पर विशेष रूप से प्रकाश डाला.
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से सौरभ चन्द्रा ने इस समझौते को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि आईओसीएल हर वर्ष सामाजिक दायित्व के तहत चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर सहयोग करता रहा है और आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे. समझौता ज्ञापन पर महावीर कैंसर संस्थान की ओर से सायन कुणाल, सचिव, महावीर स्थान न्यास समिति एवं इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से सौरभ चन्द्रा, स्टेट हेड, बिहार राज्य कार्यालय ने हस्ताक्षर किए।
सायन कुणाल ने इस सहयोग के लिए आईओसीएल का आभार व्यक्त करते हुए इसे कैंसर मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एल. बी. सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन में कहा कि सामाजिक दायित्व के तहत हुआ यह सहयोग कैंसर की जांच और इलाज में मील का पत्थर साबित होगा. साथ ही उन्होंने गरीब कैंसर मरीजों के लिए नई धर्मशाला निर्माण की आवश्यकता की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मोहम्मद अली, सीनियर साइंटिस्ट ने किया. इस अवसर पर महावीर कैंसर संस्थान के चिकित्सकों, शोधार्थियों और रिसर्च विभाग से जुड़े डॉ. अभिनव, डॉ. स्नेहा नवीन, डॉ. राजीव कुमार समेत अन्य शोधार्थी उपस्थित रहे।
