बिहार

महाशिवपुराण कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

अररिया, रंजीत ठाकुर : फुलकाहा सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में चल रहे शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन मंगलवार को कथा वाचिका राजयोगिनी बी.के प्रभा दीदी ने खुशहाल जीवन हेतु सकारात्मक विचार और क्रोध मुक्त जीवन पर व्याख्यान दिए गए। बताया कि क्रोध से संबंधों में कड़वाहट आती है, मनमुटाव बढ़ता है और घर का वातावरण खराब होता है। उन्होंने कहा कि जहां क्रोध होता है, वहां बरकत नहीं होती, इसलिए क्रोध मुक्त जीवन अपनाना आवश्यक है।

पारिवारिक जीवन में राजयोग मेडिटेशन बहुत मददगार है। इससे एकाग्रता बढ़ती है, मनोबल का विकास होता है और तनाव कम रहता है। राजयोग की सही विधि अनुसार हमें स्वयं को निराकार ज्योतिबिंदु आत्मा समझ उस निराकार ज्योतिबिंदु परम आत्मा (सभी आत्माओ के पिता) को स्नेहयुक्त होकर याद करना है। स्नेह अथवा निःस्वार्थ प्रेम( unconditional love ) का ही दूसरा नाम याद है । जहाँ सच्चा प्रेम नहीं वहाँ सच्ची याद भी नहीं हो सकती।

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जिस स्वरुप में परमात्मा शिव को याद करते हैं स्वयं को भी उसी चोले में अर्थात स्वरुप में देखना है। परन्तु चाहे कोई भी चोला हो या सम्बन्ध हो उस चोले में उपस्थित चैतन्य आत्मा की स्मृति नहीं भूलनी चाहिए नहीं तो आत्मा का पक्का कनेक्शन परमात्मा से नहीं जुड़ेगा और याद का बल भी जैसा और जितना मिलना चाहिए वैसा और उतना नहीं मिलेगा।

वहीं शिव महापुराण कथा में अन्नपूर्णा देवी की चैतन्य झांकियां सजाई गई थी। दीदी ने कहा कि एक बार भगवान शिव ने माता पार्वती से कहा कि यह संसार केवल माया है, भोजन भी माया है। शरीर और अन्न का कोई विशेष महत्व नहीं है। इस बात से माता पार्वती आहत हो गईं और उन्होंने निर्णय लिया कि वे संसार से अन्न को गायब कर देंगी। जैसे ही माता ने यह संकल्प किया, पूरे ब्रह्मांड में अन्न संकट उत्पन्न हो गया। जीवन सूखने लगा, लोग भूख से व्याकुल हो गए। तब माता पार्वती ने काशी (वाराणसी) में एक रूप धारण किया। वो माता अन्नपूर्णा के रूप में हाथों में अक्षय पात्र (भोजन का कभी न समाप्त होने वाला पात्र) लेकर खड़ी थीं। तभी शिवजी स्वयं भूख से व्याकुल होकर माता अन्नपूर्णा के पास भोजन मांगने पहुंचे। उन्होंने स्वीकार किया कि शरीर और अन्न का भी अस्तित्व में बड़ा महत्व है। इस प्रकार, अन्नपूर्णा देवी ने सभी को अन्न का दान दिया और तब से उनकी पूजा भोजन की देवी के रूप में होने लगी। इस धार्मिक कार्यक्रम में लगातार श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखी गई है।

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