अररिया, रंजीत ठाकुर भरगामा प्रखंड क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर प्राक्कलन का बोर्ड लगाए बगैर हीं विभिन्न कार्य संवेदक द्वारा किया जाता है। कार्य स्थल पर प्राक्कलन से संबंधित बोर्ड नहीं लगाये जाने की वजह से लोगों को संबंधित योजनाओं की जानकारी नहीं हो पाती है। ऐसे में संवेदक मनमाना ढंग से कार्यों को अंजाम देते हैं। कई लोगों ने बताया कि कार्य से पूर्व बोर्ड लग जाने की स्थिति में लोग वहां हो रहे कार्यों की गुणवत्ता सहित अन्य चीजों को देखने लगते हैं। इससे बचने के लिए संवेदक के द्वारा कार्य से पूर्व बोर्ड नहीं लगाया जाता है। जबकि प्रावधान के मुताबिक कार्य शुरु करने से पूर्व स्थल पर बोर्ड लगाना अनिवार्य है। इसमें निर्माण से संबंधित सारी जानकारी देनी होती है।
बता दें कि भरगामा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में चल रहे षष्ठम वित्त और पन्द्रहवें वित्त योजना सहित मनरेगा एवं अन्य योजना स्थल पर प्राक्कलन बोर्ड लगाए बगैर कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। इसमें कार्यों के गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह उठता है। फिलहाल कई पंचायतों में कार्यों में बरती जा रही अनियमितता की बात सामने आ रही है। खासकर पीसीसी ढ़लाई सड़क पर ढलाई से पूर्व ईंट साेलिंग में घाटियां ईंट के प्रयोग एवं पीसीसी ढ़लाई में लोकल उजला बालू व मिटी युक्त उजला गिट्टी की शिकायत सबसे अधिक है। इधर सामजिक कार्यकर्त्ता पंकज ऊर्फ पिंटू,अशोक सिंह,युवराज यादव,असलम बेग,संजय मिश्रा आदि ने सरकारी कार्यस्थल पर कार्य शुरु होने से पूर्व प्राक्कलन का बोर्ड लगवाने की मांग की है। इस संबंध में डीपीआरओ मनीष कुमार ने बताया कि कार्यस्थल पर बोर्ड लगाना अनिवार्य है। जहां नहीं लगाया जाता है,वहां की शिकायत मिलने पर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
