बिहार

पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन में सामुदायिक भागीदारी जरूरी : अश्विनी चौबे

पटना(न्यूज़ क्राइम 24): केन्द्रीय वन पर्यावरण राज्यमंत्री श्री अश्विनी चौबे ने कहा है कि अमरकंटक में पूरे पारिस्थितिक क्षेत्र में अनेकों प्रकार की जड़ी बूटी प्राकृतिक रूप से पाई जाती है जो निश्चित रूप से मां नर्मदा के प्रवाह का परिणाम है, अमरकंटक के आसपास का क्षेत्र वनों से आच्छादित है, वनों के संरक्षण संवर्धन के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री अश्विनी चौबे आज अमरकंटक के जमुनादादर में आयुष वन स्थापना एवं शिलान्यास कार्यक्रम को सम्बोंधित कर रहे थे।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रूपमति सिंह, संतगण वा भारत सरकार के वन महानिदेशक श्री सुभाष चंद्रा, मध्यप्रदेश शासन वन बल प्रमुख श्री रमेश कुमार गुप्ता, वन संरक्षक शहडोल श्री प्रभात कुमार वर्मा, एपीसीसीएफ श्री चितरंजन त्यागी, वनमंडलाधिकारी अनूपपुर श्री एए अंसारी, एसडीएम श्री अभिषेक चौधरी, एसडीओ वन पुष्पराजगढ़ श्री मान सिंह मरावी, पूर्व विधायक श्री सुदामा सिंह, विंध्य विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष श्री राम दास पुरी, सहकारी बैंक के पूर्व संचालक बृजेश गौतम, नगर पंचायत अमरकंटक की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा पनाढिया, धरमेंद सिंह, रामअवध सिंह सहित बड़ी संख्या में नागरिक व वन पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे.

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केंद्रीय वन पर्यावरण राज्य मंत्री श्री अश्विनी चौबे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अनूपपुर जिला विलक्षण जिला है यहां का वन आच्छादित क्षेत्र वा नर्मदा जी की कृपा अद्भुत है। उन्होंने यहां के लोगों का वन नदी के संरक्षण के लिए सतत जुटे रहकर क्षेत्र को वनों से हरा-भरा बनाए रखने का आव्हान किया है। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा जो करेगा उसकी रक्षा प्रकृति करेगी.

श्री चौबे ने अमरकंटक क्षेत्र में पाए जाने वाली जड़ी बूटियों के संबंध में कहा कि प्राकृतिक जड़ी बूटी के संरक्षण की जिम्मेदारी सभी की है, वन्य प्राणी, जड़ी बूटी, नंदी और वन पर्यावरण का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने सभी से वन संरक्षण एवं संवर्धन की अपील की। मंत्री श्री चौबे ने कहा कि देशभर में 400 नगरों में नगर वन, आयुष वन की तर्ज पर स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्कूल नर्सरी में पौधा उगाने के लिए आर्थिक सहायता देने व इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की भी बात कहीं। उन्होंने कहा कि अमरकंटक क्षेत्र में औषधि प्रजातियों का संरक्षण मूल रूप से इस पूरे परिस्थितिकिय क्षेत्र को नया जीवन प्रदान करेगा। उन्होंने मध्य प्रदेश वन विभाग की इस पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने आयुष वन की स्थापना स्वयं में एक ऐसा प्रबंधन है जिसमें हम बहुत से आमजनों को जोड़ सकते हैं।

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