बलिया(संजय कुमार तिवारी): इंटर अंग्रेजी के पेपर लीक मामले में 3 पत्रकारों अजित ओझा, दिग्विजय और मनोज कुमार गुप्त की गिरफ्तारी का मामला अब बहुत तूल पकड़ने लगा है।
श्रमजीवी पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनूप कुमार हेमकर ने जिला प्रशासन पर ही केंद्र निर्धारण में डेढ़ से दो लाख रुपये की अवैध वसूली का आरोप लगा दिया है । आरोप लगाते हुए कहा कि परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में डेढ़ लाख से दो लाख की अवैध वसूली की गयी है ,जिसके कारण वित्त विहीन विद्यालयों को संसाधन विहीन होते हुए भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है । प्रशासनिक कार्यवाही को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि श्री हेमकर ने कहा कि सिर्फ प्रबंधकों और अध्यापकों, पत्रकारों को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा तो सहायक केंद्र व्यवस्थापक और स्टैटिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्यवाही क्यो नही हो रही है ।इसके निर्धारण में जो भी अधिकारी शामिल है, उनके संपत्ति की जांच की जाय । यह उदगार श्री हेमकर ने कलेक्ट्रेट पर संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा द्वारा दिये गये धरने में व्यक्त की है । बता दे कि सोमवार को सैकड़ो पत्रकारों ने बापू भवन से जुलूस निकाल कर कलेक्ट्रेट पर विशाल धरना प्रदर्शन किया । यह प्रदर्शन जनपद के सभी पत्रकारों के संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है । रविवार को सभी पत्रकार संगठनों ने एक संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के गठन करके गिरफ्तार साथियों की रिहाई तक आंदोलन को चलाने का निर्णय किया । इसी निर्णय के अनुसार ही सोमवार को जोरदार धरना प्रदर्शन के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर गिरफ्तार पत्रकारों की रिहाई के साथ ही इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
पत्रकारों के जुलूस निकालने की खबर लगते ही पूरा प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया और पूरे प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के इर्दगिर्द घूमता रहा । ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन बलिया के जिलाध्यक्ष शशिकांत मिश्र ने कहा कि खबर छापने के लिये पत्रकारों को जेल भेजना लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की आवाज को जबरिया दबाने का प्रयास किया जा रहा है,जिसको बलिया के पत्रकार बर्दाश्त नही करेंगे ।
सभा को संबोधित करते हुए अमर उजाला के ब्यूरोचीफ संदीप सिंह ने कहा कि खबर पेपर में छपने के बाद जिलाधिकारी द्वारा अजित ओझा से साजिशन वायरल पेपर को अपने व्हाट्सएप पर मंगाकर मुकदमा कायम करना चौथे स्तंभ मीडिया की आवाज को बंद करने वाला कृत्य है । खबर छापने पर पत्रकार की गिरफ्तारी को किसी भी सूरत में ठीक नही कहा जा सकता है । गिरफ्तार तीनो साथियो की अविलम्ब रिहाई होनी चाहिये । दैनिक जागरण के लवकुश सिंह ने कहा कि बैरिया क्षेत्र में प्रशासन की शह पर बालू का अवैध कारोबार फल फूल रहा है,शराब की तस्करी हो रही है, इसको रोकने के लिये जिलाधिकारी बलिया के पास समय नही है,इनको पकड़ने में एसपी साहब को दिलचस्पी नही है । लेकिन परीक्षा में हो रहे नकल को अगर कोई पत्रकार उजागर कर रहा है तो उसको तमाम संगीन धाराओं में पाबंद करके जेल भेजा जा रहा है।
सभा को संबोधित करने वाले अन्य पत्रकारों में अखिलानंद तिवारी,रणजीत सिंह जिलाध्यक्ष पत्रकार वेलफेयर सोसायटी बलिया ,मधुसूदन सिंह,शैलेश सिंह,सुधीर सिंह,मनोज चतुर्वेदी, अजय भारती,संजय पांडेय, रमाकांत सिंह ,जनार्दन सिंह ,नरेंद्र मिश्र,श्रवण पांडेय,संजीव कुमार बाबा,राम प्रताप तिवारी, शशिकांत ओझा,अमर नाथ चौरसिया,कंचन सिंह,करुणासिन्धु सिंह,अनिल अकेला,मुकेश मिश्र, मतलब अहमद,संजय तिवारी, शशिकुमार ,संतोष सिंह,शकील अहमद ,अखिलेश चौधरी,नवल जी आदि ने भी सभा को संबोधित किया । इसके साथ ही इस धरना प्रदर्शन को जनपद के कोने कोने से आये हुए प्रिंट ,इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया के पत्रकारों ने अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। सभा की अध्यक्षता शशिकांत मिश्र और संचालन हरिनारायण मिश्र ने और आभार करुणासिन्धु सिंह ने किया।
