नालंदा(राकेश): बिहार शरीफ सोहसराय स्थित किसान कॉलेज के सभागार में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का जिला सम्मेलन आयोजित की गई जिसका उद्घाटन जिला संयोजक अमर राजपूत द्रारा ध्वजारोहण एवं संघ प्रचारक उपेंद्र भाई त्यागी , विश्वविद्यालय संयोजक प्रियरंजन सिंह, तथा कॉलेज के प्राचार्य डॉ अशोक कुमार, द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए संघ प्रचारक श्री त्यागी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एक ऐसा छात्र संगठन है जो छात्रों के भविष्य की चिंता करता है और समय-समय पर विद्यार्थियों के विकास के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करते रहता है ।
भारतवर्ष सदियों से ज्ञान का केंद्र रहा है जिसमें नालंदा विश्वविद्यालय ने अहम भूमिका निभायी है। विश्व के सर्वेश्रेष्ठ विश्वविद्यालय जैसे ऑक्सफ़ोर्ड और कैम्ब्रिज बन रहे थे तो हमारे यहाँ नालंदा विश्वविद्यालय को नष्ट किया जा रहा था। पूरे देश और दुनिया को अपनी ज्ञान से अलौकिक करने वाला यह धरती कालांतर में पिछड़ता चला गया और इसका प्रभाव देश के शिक्षा व्यवस्था के पिछड़ेपन पर भी पड़ा।
मुगल काल और ब्रिटिश काल में भारत की शिक्षा व्यवस्था में भारतीयता की कमी आती रही जो स्वतंत्रता के बाद भी जारी रही। पिछले कुछ सालों से इसमें सकारात्मक परिवर्तन देखे जा रहे हैं लेकिन आवश्यकता इस बात की है विश्व में शांति, सुरक्षा और प्रगति को सतत रूप से आगे बढ़ाना है तो ज्ञान की धरती को फिर से जागृत करके देश के पुनर्निर्माण में लगायें।
इस मौके पर प्राचार्य डॉ अशोक कुमार ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भारतवर्ष के युवाओं में सकारात्मकता के भाव को जागृत करते हुए बेहतर भविष्य की ओर ले जाती है । वही विश्वविद्यालय संयोजक प्रियरंजन सिंह ने कहा कि जिला सम्मेलन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में युवाओं को मनोस्थिति को जानकर उनकी समस्याओं का निराकरण कैसे हो इस पर पहल करना था ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमर राजपूत ने कहा कि बिहार में माइग्रेशन की बहुत बड़ी समस्या है इसका प्रमुख करण है यहाँ पर अच्छे शिक्षण संस्थान की कमी एवं रोज़गार का अभाव। प्रदेश के छात्र- छात्राएँ महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से डिग्री लेते जा रहे हैं पर डिग्री रोज़गारोन्मुख नहीं होने के कारण रोज़गार पाने से वंचित रह जाते हैं।
देश और समाज को सुदृढ़ और समृद्ध बनाने के लिये आवश्यक है की प्रदेश के मानव संसाधन को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल जाये। इसके लिए आवश्यक है की रोजगार के अवसर बढ़ाने को ध्यान में रखते हुए लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा दिया जाये।
कार्यक्रम में प्रस्ताव पारित कर छात्रों के हित में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की एक शाखा बिहार शरीफ में भी खोले जाने के लिए प्रयास करेंगे। कार्यक्रम का संचालन सक्रिय सदस्य सुभाषिनी ने की इस मौके पर नागमणि , मुस्कान, सत्यम, यश वर्मा , सुमित , विक्रम राज , साहिल , आकाश कुमार, सानू, शुभम, गौरव समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे ।
