जमुई(मोहम्मद अंजुम आलम): पूर्व सांसद आनंद मोहन बुधवार को देवघर जाने क्रम में जमुई पहुंचे, जहां समर्थकों ने उनका स्वागत किया।उसके बाद स्थानीय परिसदन भवन में मीडिया कर्मी से मुखातिब होते हुए उन्हेंगे भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी इस बात का परिचायक है कि विपक्षी एकता की बैठक से भाजपा की बेचैनी बढ़ी है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि राष्ट्रवाद का नारा देने वाले लोग ही राष्ट्रीय संपत्ति को नीलाम कर रहे हैं।जाति और धर्म की लड़ाई देश और राज्य को कमजोर कर देता है।
पूर्व सांसद ने उनके जेल से बाहर आने का विरोध करने वाले लोगों को भी आड़े हाथों लिया। खासकर एनडीए के नेताओं को उन्होंने बताया कि एनडीए में उनकी इतनी अहमियत थी कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई, आडवाणी, भैरों सिंह शेखावत आदि नेताओं के साथ वह बैठते थे और अभी के शीर्ष नेतृत्व पीछे खड़े रहते थे। आनंद मोहन ने बिहार में एनडीए बनाने में भी अपनी भूमिका को रेखांकित किया। आनंद मोहन ने प्रेस की स्वतंत्रता की लड़ाई लड़े जाने की आवश्यकता पर भी बल देते हुए कहा कि आज राजतंत्र जैसा मीडिया पर पहरा लगा है।
पूर्व सांसद ने धर्म और जाति की राजनीति पर प्रहार करते हुए कहा कि इससे देश और राज्य विभक्त हो जाता है।भारत, पकिस्तान, जर्मनी और श्रीलंका इसका उदाहरण है।उन्होंने अपनी भविष्य की राजनीतिक सक्रियता की चर्चा करते हुए कहा कि वे फिलहाल समाजवाद की कमजोर होती कड़ी को मजबूत करने के लिए प्रदेश के भीतर पदयात्रा पर निकलेंगे। इसके बाद रैली की तैयारी को लेकर वे संपूर्ण बिहार भ्रमण करेंगे। आनंद मोहन ने जेल से निकलने का विरोध करने वाले को भी आड़े हाथों लिया और बताया कि जमुई की धरती पर ही 91 से लेकर 1994-95 तक लक्ष्मीपुर और सोनो के इलाके में रविदास समाज के लोगों की हत्या व अपहरण के मामले में उनका आंदोलन आईना दिखाने के लिए पर्याप्त है।
पूर्व सांसद आनंद मोहन ने गृह मंत्री अमित शाह के लखीसराय दौरे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार राजनीतिक पर्यटन का केंद्र बनेगा। जिनको जहां घूमना है घूम लें। परिणाम सबको मालूम है। यहां महागठबंधन के आगे किसी की एक नहीं चलेगी। भाजपा नेताओं को महंगाई बेरोजगारी और हवा हवाई योजनाओं की विफलता पर भी जनता के सवालों का जवाब देना होगा। वहीं आनंद मोहन के साथ पूर्व सांसद पत्नी लवली आनंद विधायक पुत्र चेतन आनंद फ्रेंड्स ऑफ आनंद से जुड़े प्रोफेसर रविंद्र सिंह, चंद्रचूड़ सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे।
