पटना सिटी, न्यूज क्राइम 24। जीना यहाँ, मरना यहाँ, इसके सिबा जाना कहाँ .मेरा जूता है जापानी, ये पतलून इंगलिस्तानी, सर पे लाल टोपी रूसी, फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी .चाँद सी महबूबा हो मेरी, कब ऐसा मैंने सोचा था सावन का महीना पवन करे सर दुनिया बनानेवाले क्या तेरे मन में समाई, काहे को दुनिया बनाई . जैसे हजारों अमर गीतों के अमर गायक स्वररत्न मुकेश चन्द्र माथुर की जन्म शताब्दी वर्ष और 48 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आज अरोड़ा हाउस, हाजीगंज में गीत म्यूजिकल ग्रूप और संस्कार भारती, पटना के संयुक्त तत्वावधान में उनकी स्मृति में एक यादगार शाम का आयोजन किया गया उद्घाटन वरिष्ठ समाजसेवी पद्म श्री विमल जैन ने दीप प्रज्वलित किया जबकि अतिथियों का स्वागत व संचालन गीत म्यूजिकल ग्रूप के निदेशक भूषण खत्री ने किया | मुख्य अतिथि डा० नीलम वर्मा, विशिष्ट अतिथि रूचि अरोड़ा, अनन्त अरोड़ा एवं विशेष अतिथि में नवीन रस्तोगी, डा० एस. एन. कृष्णा, डा० गौरी शंकर, सीताराम पोद्दार, कृष्णा अग्रवाल और राजू चन्द्रवंशी थे |
संगीतमय श्रद्धांजलि दौरान स्वरसाधक अमिताभ अमित ने ‘कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे, तड़पता हुआ जब कोई छोड़ दे,’ ‘एक दिन बिक जायेगा माटी के मोल, जग में रह जायेंगे प्यारे तेरे बोल,’ गायक भूषण खत्री ने ‘जाने चले जाते हैं कहाँ, दुनिया से जानेवाले’ और संजय कुमार ने ‘इक प्यार का नग्मा है, मौजों की रवानी है’ गीत गाकर मुकेश साहब के अमर गीतों से जन्म शताब्दी वर्ष और पुण्य स्मृति को एक यादगार बना दिया | इनके अलावे अनिल अकेला, सरदार चरण सिंह काण्डा, राजेश्वर दयाल, नीरज कुमार, मुकेश मिश्र, बिमल किशोर शुक्ल, बिनोद लाल, लाल सिंह, अक्षय कुमार, प्रेम शर्मा, रीना और मनीता पाठक ने भी अपनी स्वरांजलि से मुकेश जी को श्रद्धांजलि अर्पित की इस मौके पर चन्द्र प्रकाश ‘तारा’, रामजी योगेश, अजय केशरी, प्रकाश सिन्हा, शैलेश कुमार, अमरदीप कुमार, बिन्नी डिसूजा, मन्टू राज, राजकिशोर, सन्नी, राजा व अन्य उपस्थित थे |
