अररिया, रंजीत ठाकुर अररिया जिले में 01 से 30 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के क्रम में कुपोषण संबंधी मामलों को नियंत्रित करने, लोगों को उचित पोषाहार के सेवन व स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के लिये लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से जिले में आईसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आयेाजित गोदभराई कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया । इसमें सेविका व सहायिका द्वारा पोषक क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को केंद्र पर बुलाकर गोद भराई की रस्म निभाई गयी । गर्भावस्था के दोरान उचित देखभाल, प्रसव पूर्व जांच व उचित पोषाहार के सेवन के प्रति उन्हें जागरूक किया गया ।
पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं मौसमी फल व सब्जी
आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 14119 आयोजित कार्यक्रम के दौरान सेविका उमा रानी सिंह व महिला सुपरवाइजर संगीता कुमारी ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं का बताया कि गर्भवती महिला व गर्भस्थ शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिये उचित पोषाहार बेहद जरूरी है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित गर्भवती महिला सहित अन्य महिलाओं को आवश्यक पोषक तत्व, संतुलित आहार व सही खान पान के महत्व से अवगत कराया । उन्हें आयरन, कैल्शियम, फोलिक एसिड व अन्य महत्वपूर्ण विटामिन व खनिजों के महत्व के बारे में बताया। बताया गया कि आसानी से उपलब्ध होने वाले मौसमी फल, घर के आसपास सहज रूप से पाये जाने वाले साग-सब्जियां भी पोषक तत्वों से भरपूर होता है।
संतुलित आहार व समय पर भोजन महत्वपूर्ण
जिला पोषण समन्वयक कुणाल श्रीवास्तव ने बताया कि पोषण माह का उद्देश्य पूरे देश में पोषण संबंधी जागरूकता को बढ़ाना व कुपोषण की समस्या से निजात दिलाना है। गोद भराई रस्म के दौरान पोषण अभियान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गयी। संतुलित आहार की महत्ता व सही समय पर भोजन करने की आदतों पर जोर देते हुए स्वस्थ गर्भावस्था के लिए उन्हें गर्भवतियों को प्रेरित किया गया।
गोद भराई पोषण के प्रति जागरूकता का अनूठा मंच
आईसीडीएस डीपीओ मंजूला कुमारी व्यास ने बताया कि पोषण माह के दौरान महिलाएं सहित समुदाय के तमाम सदस्यों को उचित पोषाहार के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पोषण माह के दौरान आयोजित गोद भराई कार्यक्रम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। क्योंकि यह पोषण व स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करता है। गोद भराई कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को उनके समग्र स्वास्थ्य की जानकारी दी गयी।
