पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना में गुरुवार को अंगदान और किडनी ट्रांसप्लांट को लेकर जागरूकता कार्यक्रम “प्रतिबद्धता से प्रत्यारोपण तक” का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर किडनी ट्रांसप्लांट से लाभान्वित मरीजों और उनके डोनर्स ने अपनी व्यक्तिगत यात्रा और अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य अंगदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना और यह संदेश देना था कि अंगदान जीवनदायी कार्य है, न कि कोई सामाजिक वर्जना।
नेफ्रोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. के. एम. साहू ने कहा कई मरीज सिर्फ इस वजह से किडनी ट्रांसप्लांट नहीं करवा पाते क्योंकि उन्हें डोनर नहीं मिलते। मृत्यु उपरांत अंगदान कई जीवन बचा सकता है। यह संवेदनशील विषय जरूर है, लेकिन अब इस पर खुलकर चर्चा होना आवश्यक है।
यूरोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. प्रभात रंजन ने अपने विचार रखते हुए कहा आज जो मरीज सामान्य जीवन जी रहे हैं, वह एक डोनर के फैसले की वजह से संभव हो सका है। अंगदान केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि एक सामाजिक दायित्व भी है। कार्यक्रम में उपस्थित ट्रांसप्लांट करवाने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने भावुक होकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अंगदान को लेकर डर या भ्रांतियां पालना अनुचित है।
मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रवि शंकर सिंह ने कहा हमारा उद्देश्य केवल इलाज देना नहीं, बल्कि समाज में सही संदेश पहुँचाना भी है। यदि अंगदान को लेकर संवाद बढ़ेगा तो बदलाव अवश्य संभव होगा। मृत्यु उपरांत अंगदान किसी और के लिए जीवन का दूसरा मौका हो सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित मरीजों, परिजनों और चिकित्सकों ने मिलकर अंगदान जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
