प्रोस्थेटिक्स एवं ऑर्थोटिक्स के महत्व पर एम्स पटना में जागरुकता कार्यक्रम

 प्रोस्थेटिक्स एवं ऑर्थोटिक्स के महत्व पर एम्स पटना में जागरुकता कार्यक्रम

फुलवारीशरीफ(अजित यादव): अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, (एम्स) पटना के प्रोस्थेटिक्स एंड ऑर्थोटिक्स यूनिट, फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन विभाग (पीएमआर) के तरफ से शुक्रवार को प्रोस्थेटिक्स एंड ऑर्थोटिक्स के महत्त्व पर एक दिवसीय जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि बिहार राज्य निः शकत्ता, आयुक्त डॉ शिवाजी कुमार ने कहा कि इस कार्य क्रम का उद्देश्य एम्स पटना में दिव्यांग मरीज़ों क़ो एडीआईपी स्कीम का लाभ पहुँचना है। साथ ही डॉ शिवाजी ने आश्वासन दिया कि किसी तरह की सहायता जो बिहार सरकार की तरफ़ से चाहिए उसके लिए अपने तरफ से जो भी सहयोग हो वो प्रदान कराने की कोशिश करेंगे.

एम्स निदेशक डॉ. प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि प्रोस्थेटिक्स एंड ऑर्थोटिक्स यूनिट के माध्यम से एम्स में ऐसे कई मरीज जिनके हाथ -पैर किसी कारण कट चुके हैं एवं जिनहे कोई शारिरिक विकृति रही हो ,वैसे दिव्यांगजनो को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण (प्रोस्थेटिक्स एंड ऑर्थोटिक्स) प्रदान कर समाज के मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया गया है और आगे भी किया जाएगा। निदेशक डॉ पीके सिंह ने आश्वासन दिया की दिव्यांगों के लिए जल्दी ही प्रास्थेटिक एंड ओरथोटिक वर्क्शाप भी कराया जाएगा.

मौके पर विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार पांडेय ने बताया कि पी एम आर विभाग में दिव्यांग जनो को पहले से ही ओ पी डी ,आई पी डी एवं सर्जरी की सुविधा मिलरही है जो बिहार में पहली बार एम्स पटना में ही प्रदान की जा रही है। उन्होंने प्रास्थेटिक एंड ओरथोटिक वर्क्शाप की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है.इस अवसर पर उप निदेशक प्रशासन परिमल सिन्हा, डीन डॉ. उमेश भदानी एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सीएम सिंह, डॉक्टर प्रशांत सिंह, डॉक्टर दीपक कुमार भी मौजूद थे।

News Crime 24 Desk

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