क्राइमबिहार

राजीवनगर भूमि विवाद में एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग का आरोप, अवैध पिस्तौल केस से जुड़ा मामला बना चर्चा का विषय…

पटना, अजित। राजधानी के राजीवनगर थाना क्षेत्र में भूमि विवाद से जुड़ा एक मामला उस समय तूल पकड़ गया, जब अवैध पिस्तौल के साथ गिरफ्तार अभियुक्त की पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए एससी-एसटी एक्ट के केस को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. इस मामले में नामजद अभियुक्त नीरज कुमार सिंह की पत्नी शालिनी सिंह ने इसे पूरी तरह मनगढ़ंत, बेबुनियाद और एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर पटना पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं. राजीवनगर थाना क्षेत्र में एक ही दिन दर्ज कांड संख्या 17/26 और 18/26 की जांच को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और लोग निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। राजीवनगर रोड नंबर 24 निवासी शालिनी सिंह ने इस संबंध में पटना के आईजी, एसपी समेत अन्य वरीय पुलिस अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कराने की गुहार लगाई है. उन्होंने अपने पति को निर्दोष बताते हुए कहा है कि उन्हें साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया है।

जानकारी के अनुसार, 10 जनवरी को राजीवनगर थाना क्षेत्र के महावीर कॉलोनी स्थित एक प्लॉट को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था. इसी दौरान सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची राजीवनगर थाना की पुलिस ने अशोक कुमार चौधरी नामक व्यक्ति को घटनास्थल से अवैध पिस्तौल और तीन कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था.

पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त को थाना लाने के लगभग एक घंटे के भीतर ही उसकी पत्नी मुन्नी देवी की ओर से थाना में एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया. इस मामले में कांड संख्या 17/26 के शिकायतकर्ता धीरज सिंह समेत राजवीर सिंह, विकास कुमार सिंह, नीरज कुमार सिंह और दीपक कुमार सिंह को नामजद किया गया. इसके बाद पुलिस ने कांड संख्या 18/26 दर्ज करते हुए चार नामजद अभियुक्तों को जेल भेज दिया.

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आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच नहीं की. वहीं, मुन्नी देवी की शिकायत में दावा किया गया कि उनके पति को नामजद अभियुक्तों ने जबरन पिस्तौल और कारतूस थमा कर पुलिस से गिरफ्तार करवा दिया. दूसरी ओर, कांड संख्या 18/26 में नामजद अभियुक्त नीरज कुमार सिंह की पत्नी शालिनी सिंह ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि घटना के समय उनके पति घर पर मौजूद थे, जिसकी पुष्टि आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मोबाइल टावर लोकेशन के माध्यम से आसानी से की जा सकती है।

शालिनी सिंह का आरोप है कि जब मुन्नी देवी के पति को पुलिस ने खुद घटनास्थल से अवैध पिस्तौल के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया, उसके बाद दबाव बनाने और जमीन विवाद में लाभ लेने के उद्देश्य से सुनियोजित साजिश के तहत एससी-एसटी एक्ट का मामला दर्ज कराया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि जब गिरफ्तारी पुलिस द्वारा मौके पर की गई, तो जाति सूचक गाली-गलौज और मारपीट की कहानी कैसे गढ़ी जा सकती है। उन्होंने वरीय पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कराई जाए. उनका कहना है कि यदि ईमानदारी से जांच हुई, तो पूरा मामला एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग और साजिश के रूप में सामने आएगा।

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