पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए अधिवक्ताओं ने निकाला कैंडल मार्च, संघ ने केस में बचावपक्ष की वकालत न करने की सभी अधिवक्ताओं से की अपील, CBI से निष्पक्ष जाँच कराने की कि माँग, त्वरित कार्रवाई न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की दी चेतावनी।

पटना NEET की छात्रा के साथ हुए जघन्य अपराध के ख़िलाफ़ पटना सिविल कोर्ट अधिवक्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है, जिला अधिवक्ता संघ पटना के बैनर तले सैकड़ों अधिवक्ताओं ने कैंडल मार्च निकाल उक्त जघन्य अपराध के खिलाफ व प्रशासन की संदिग्ध कार्यशैली पर सवाल उठाया है। अधिवक्ताओं ने बिहार की बेटी को इंसाफ मिलने तक चरणबद्ध आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
वहीं अधिवक्ताओं ने सरकार से उक्त मामले की निष्पक्ष जाँच केलिए CBI को केस सौंपने को कहा है। पुलिस प्रशासन द्वारा बिना मेडिकल रिपोर्ट आए केस को मीडिया के समक्ष गलत रिपोर्टिंग करने पर अधिवक्ताओं ने रोष जताते हुए तत्काल संलिप्त सभी पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की है।
कैंडल मार्च का नेतृत्व कर रहे संघ के महासचिव,अध्यक्ष समेत कैंडल मार्च में मौजूद सभी पदाधिकारियों ने अधिवक्ताओं से अपील कि है कि उक्त मामले में आरोपी के तरफ से कोई भी वकील पैरवी न करे और साथ हीं साथ मामले में संलिप्त सभी आरोपियों को पुलिस प्रशासन अविलंब गिरफ्तार कर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
कैंडल मार्च का नेतृत्व संघ महासचिव अरविंद कुमार मौआर, अध्यक्ष अरविंद कुमार सिन्हा ने किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से संघ के कार्यकारिणी सदस्य ऐडवोकेट महेश रजक,अंशुमान,छाया रानी, संजय कुमार, उपाध्यक्ष ओप प्रकाश, सुशील रंजन सिन्हा अंजुम बारी,ऋषिकेश नारायण, ऐडवोकेट रिज़वी,श्यामल किशोर कमलेश प्रसाद,नैंसी कुमारी, सोनी कुमारी पारस जी समेत सैकड़ों अधिवक्तागण शामिल हुए।
