अररिया(रंजीत ठाकुर): जिले में कोरोना टीकाकरण अभियान निरंतर प्रगति कर रहा है। निर्धारित लक्ष्य की तुलना में लगभग 78 फीसदी लोगों को टीका की पहली डोज दी जा चुकी है। वहीं दूसरे डोज के मामले में जिले की उपलब्धि 88 प्रतिशत है। 15 से 18 साल आयु वर्ग के किशोरों के टीकाकरण के मामले में भी जिले ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। अब तक निर्धारित लक्ष्य 2.11 लाख की तुलना में अब तक 99 हजार किशोरों का टीकाकरण हो चुका है। बीते दस दिनों में संचालित अभियान के क्रम में विभिन्न आयु वर्ग के लगभग 01 लाख से अधिक लोगों को टीका की निर्धारित डोज लगायी गयी है। इसी क्रम में 28 जनवरी को पुन: जिले में विशेष अभियान का संचालन किया जाना है। इसके अलावा विभाग 60 साल से अधिक आयु वर्ग के शतप्रतिशत बुजुर्गों को प्रीकॉशन डोज लगाने व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से 15 से 18 साल के किशोरों का सर्वे कराकर शतप्रतिशत आच्छादन की कोशिशों में जुटा है।
पूर्व के अनुभवों से अभियान को सफल बनाने का करें प्रयास :
टीकाकरण से संबंधित मामलों की समीक्षा को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक शुक्रवार को आयोजित की गयी। इसमें अभियान से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने पूर्व में संचालित अभियान से प्राप्त अनुभवों के आधार पर कर्मियों को बेहतर उपलब्धि हासिल करने के लिये प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि राज्य स्वास्थ्य समिति से प्राप्त दिशा निर्देश के आलोक में अब 60 साल से अधिक उम्र के योग्य बुजुर्गों को टीका की प्रीकॉशन डोज लगायी जानी है। इससे पहले गंभीर रोग से ग्रसित योग्य बुजुर्गों को टीका की प्रीकॉशन डोज लगायी जा रही थी।
60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को लगायी जायेगी प्रीकॉशन डोज :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मो मोईज ने कहा कि 60 साल से अधिक उम्र के तमाम लोगों को प्रीकॉशन डोज का टीका लगाने के लिये प्रखंड व पंचायत स्तर पर रोस्टर तैयार किया जायेगा। उन्होंने शतप्रतिशत बुजुर्गों को प्रीकॉशन डोज का टीकाकरण सुनिश्चित कराने को कहा। डीआईओ ने कहा कि इसके लिये सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक को साथ लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गयी है। उन्होंने आंगनबाड़ी सेविका के माध्यम से 15 से 18 साल के किशोरों का सर्वे करा कर शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल करने की बात कही।
15 से 18 साल के किशोरों की होगी सूची तैयार :
डीपीएम स्वास्थ्य रेहान अशरफ ने बताया कि 15 से 18 साल के किशोरों के टीकाकरण मामले में जिले की उपलब्धि 46 फीसदी के करीब है। इसमें अपेक्षित सुधार जरूरी है। इसे लेकर आंगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से घर-घर जाकर टीकाकरण के योग्य किशोरों का सर्वे किया जाना है। सर्वे के आधार पर योग्य किशोरों की सूची तैयारी की जायेगी। फिर इसके आधार पर माइक्रोप्लान तैयार कर निर्धारित आयु वर्ग के किशोरों के शतप्रतिशत टीकाकरण का प्रयास किया जायेगा। एक एएनएम को दो आंगनबाड़ी केंद्रों से टैग करते हुए शतप्रतिशत किशोरों का टीकाकरण सुनिश्चित कराया जाना है।
