अररिया, रंजीत ठाकुर अररिया जिले के ऐतिहासिक सुंदरनाथ धाम शिव मंदिर परिसर में शिवगंगा के किनारे विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर शनिवार को पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के जनकपुर के नेपाल सोनार समाज फाउंडेशन जनकपुर धाम वन प्राविधिक समाज व भारत नेपाल सामाजिक सांस्कृतिक मंच के तत्वावधान में शिवलिंग व रुद्राक्ष का पौधा लगाया गया। जानकारी देते संस्था के सचिव सुरेश शर्मा ने बताया कि शिवलिंग का पौधा अपने आप में अदभुत होने के साथ पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से काफी अहम है। इस पौधे में पुष्प लगभग पांच से छह वर्षों में आता है। इसके पुष्प में ऊपर का आवरण जहां नाग देवता के छत्र को प्रदर्शित करता है तो पुष्प के अंदर वाले भाग में स्पष्ट रूप से शिवलिंग की आकृति होती है।
जो कि आध्यात्मिक नजरिए से महत्वपूर्ण हो जाता है। वहीं रुद्राक्ष का पौधा भी पर्यावरण संरक्षण में महती भूमिका निभाता है। सुरेश शर्मा ने बताया कि नेपाल नरेश वीरेंद्र विक्रम शाह देव लगभग 31 वर्ष पूर्व भारत भ्रमण के दौरान दक्षिण भारत में शंकराचार्य ने शिवलिंग व रुद्राक्ष का पौधा भेंट स्वरूप प्रदान किया था। जिसे नेपाल नरेश ने नेपाल के जनकपुर धाम स्थित जानकी मंदिर में लगाया था। श्री शर्मा ने बताया कि उक्त पौधे को नेपाल से भारत के 27 प्रांतों में स्थित धार्मिक स्थलों पर भेजा गया है। वहीं इस पौधे को देखने को लेकर मंदिर परिसर में अगल बगल के लोगों की भीड़ लगी रही।
श्री शर्मा अपने साथ शिवलिंग के पौधे में लगे फूल को लेकर भी आए थे। जिसे आमजनों ने देखा। मौके पर महंत सिंहेश्वर गिरी, नेपाल सोनार समाज फाउंडेशन के महेश साह स्वर्णकार, गेरुका नदी सफ़ाई अभियान के हरिश्चंद्र यादव,भारत नेपाल सामाजिक सांस्कृतिक मंच के राजेश शर्मा सुष्मिता ठाकुर, अशोक कुमार साह, अनिल सोनी, मुखिया प्रतिनिधि महेश साह, सेवक साह, छोटू साह, सरपंच प्रतिनिधि बलराम सिंह, सुबोध सिंह, सुंदरी मठ न्यास समिति के एचके सिंह, विजय केशरी, रामदेव सरदार, भानू सिंह, मनोज भगत सहित झमेली शर्मा, निरंजन मंडल सहित काफी संख्या में संस्था के सदस्य एवं स्थानीय लोग शामिल रहे।
