बिहार

फुलकाहा दुर्गा मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, मां महागौरी के दर्शन को उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

अररिया, रंजीत ठाकुर। मां के चरणों में शीश झुकाते श्रद्धालु, हाथों में पूजा की थाली, चेहरे पर अटूट विश्वास और हृदय में भक्ति का भाव। कुछ ऐसा ही भक्तिमय नजारा रविवार को शारदीय नवरात्र की अष्टमी के अवसर पर फुलकाहा बाजार स्थित श्री श्री 108 सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में देखने को मिला। मां दुर्गा के दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मां के जयकारों, मंदिर की घंटियों और भक्तिमय माहौल से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। हर तरफ मां की भक्ति और आस्था की अविरल धारा बहती नजर आई।

नवरात्र की अष्टमी पर मां महागौरी की पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे भक्तों की भीड़ बढ़ती गई। महिलाओं, युवतियों और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालु पूजा की थाली लेकर मां के दरबार में पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कई श्रद्धालु मां के सामने हाथ जोड़कर भावुक मन से अपनी मन्नतें मांगते नजर आए।

मां महागौरी की आराधना से भक्तिमय हुआ माहौल-

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व है। मां महागौरी को शांति, पवित्रता, करुणा और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से मां की आराधना करने वाले भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और उनके जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि का संचार होता है। इसी अटूट विश्वास के साथ श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाया और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य तथा परिवार की मंगलकामना के लिए प्रार्थना की।

जयकारों से गूंजता रहा मां का दरबार-

अष्टमी के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में उमड़ी भीड़ ने दुर्गापूजा की रौनक को और बढ़ा दिया। मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में ऐसी श्रद्धा और उत्साह दिखा कि पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया। ‘जय माता दी’ और ‘शेरावाली माता की जय’ के जयकारों से मंदिर परिसर बार-बार गूंज उठता रहा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति का भाव और मन में मां के प्रति अटूट विश्वास साफ झलक रहा था।

इस दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक आस्था और परंपरा का सुंदर संगम देखने को मिला। मां के दरबार में पहुंचकर भक्तों ने न केवल अपनी मनोकामनाएं रखीं, बल्कि परिवार और समाज के सुख, शांति एवं कल्याण की भी प्रार्थना की।

मुख्य पुजारी ने बताया अष्टमी पूजन का महत्व-

मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य कृष्ण कुमार झा ने मां महागौरी की पूजा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का विशेष महत्व है। अष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा श्रद्धा और विधि-विधान से की जाती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सच्चे मन से मां की आराधना करने, आपसी प्रेम बनाए रखने और धर्म एवं सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

फुलकाहा सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में अष्टमी के दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था और मां दुर्गा के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा को दर्शाया। मां के जयकारों के बीच पूरा फुलकाहा भक्तिमय नजर आया और श्रद्धालु मां का आशीर्वाद लेकर सुखद एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए मंदिर से विदा हुए। वहीँ पूजा को सफल और शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने को लेकर फुलकाहा थाना पुलिस सक्रिय दिखाई दे रहा है।

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