बिहार

विश्व हॉस्पिस एवं पैलिएटिव केयर दिवस पर एम्स में जागरूकता पदयात्रा और नुक्कड़ नाटक

फुलवारीशरीफ, अजीत। एम्स पटना में शनिवार को विश्व हॉस्पिस एवं पैलिएटिव केयर दिवस मनाया गया. एनेस्थीसियोलॉजी, पेन मेडिसिन एवं क्रिटिकल केयर विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में गंभीर और लंबे समय से बीमार मरीजों को दर्द से राहत देने, उनकी गरिमा बनाए रखने और जीवन की गुणवत्ता बेहतर करने पर जोर दिया गया.

इस अवसर पर जागरूकता पदयात्रा और नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया. इसके बाद शैक्षणिक चर्चा में पैलिएटिव केयर के महत्व पर चिकित्सकों ने जानकारी दी. बताया गया कि पैलिएटिव केयर का उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि मरीज के शारीरिक दर्द, मानसिक तनाव और भावनात्मक परेशानियों को कम करना है. इसमें मरीज के साथ उसके परिवार को भी आवश्यक सहयोग दिया जाता है.

कार्यक्रम में एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल, डीन अकादमिक प्रो. (डॉ.) पूनम प्रसाद भदानी, डीन रिसर्च प्रो. (डॉ.) संजय पांडेय, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) प्रशांत कुमार सिंह, प्रो. (डॉ.) उमेश कुमार भदानी तथा शारीरिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग के प्रमुख प्रो. (डॉ.) संजय कुमार पांडेय सहित कई चिकित्सक, संकाय सदस्य और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे.

कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. चांदनी सिन्हा, डॉ. रजनीश कुमार और डॉ. राजेश कुमार ने किया. डॉ. अजीत कुमार, डॉ. अमरजीत कुमार, डॉ. कुणाल, डॉ. अभ्युदय, डॉ. पूनम और डॉ. शशि कांत ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई. नर्सिंग टीम के रतीश, लीमा और नर्सिंग ऑफिसर शिप्रा ने आयोजन में सहयोग किया.

एम्स पटना में पिछले एक दशक से पैलिएटिव केयर सेवाएं दी जा रही हैं. संस्थान में इसके लिए समर्पित अंतःरोगी वार्ड भी उपलब्ध है, जहां गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार विशेष देखभाल दी जाती है. दर्द से राहत के लिए चिकित्सकीय निगरानी में ओरल मॉर्फिन की सुविधा भी उपलब्ध है.

कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि चिकित्सा सेवा का उद्देश्य बीमारी का इलाज करने के साथ मरीज की तकलीफ कम करना और कठिन परिस्थितियों में उसे सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करना भी है।

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